उर्दू फारसी पत्र की सत्यप्रति
मित्रो मैं जो लिखने जा रही हूँ वह सही है या गलत मैं नहीं जानती, पर एक ऐसा सत्य जिसे पढ़कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। हो सकता है की मेरा यह प्रयास BBLM के नियम के खिलाफ है। और मेरी सदस्यता समाप्त कर दी जाय पर मुझे कोई परवाह नहीं। यह सत्य अधिक से अधिक लोंगो के सामने आना चाहिए। यदि हमारे मुस्लिम भाई इसे गलत साबित कर देंगे तो हमें बहुत ख़ुशी मिलेगी। पर एक बार आप अवश्य पढ़े .................
5/11/2011 11:23:00 pm
नेहा भाटिया
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1 टिप्पणियाँ:
अगर सत्य कहने पर अप की सदस्यता जाती है तो में इस सत्य के समर्थन में हूँ... प्रबंधक कार्यवाही करें या अपनी राय दें की क्या वो सहमत हैं इस विचार से...
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