खुदा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
खुदा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 25 जून 2011

वो मंदिर भी जाता ,मस्जिद भी जाता

वो मंदिर भी जाता  
मस्जिद भी जाता
दीपावली, ईद दोनों
मनाता  
रमजान में रोजे
पर्यूषण में उपवास
रखता  
क्रिसमस चर्च में
मनाता
मत्था गुरुद्वारे में 
टेकता
निरंतर खुदा की
इबादत में डूबा
रहता  
कोई सिरफिरा
कोई पागल कहता
उसकी नज़रों में

खुदा हर रूप में
एक था
 
सर्वधर्म सुखाय
उसका सोच था

बेफिक्र जीता था
25-06-2011
1097-124-06-11

शुक्रवार, 17 जून 2011

तुमने दिल उन्हें दिया, उन्होंने सौदा रूह का किया


वो देखते अक्स
तुम्हारा अपने दिल में
तुम देखते 
अक्स उनका आईने में

तुमने दिल उन्हें दिया
उन्होंने
सौदा रूह का किया

तुमने
मोहब्बत नाम दिया
उन्होंने इबादत समझा

निरंतर मकसद तुम्हारा
उन्हें पाना
उन्होंने रास्ता
खुदा के घर का जाना

तुम्हें अपनी मंजिल
समझा 
17-06-2011
1061-88-06-11

रविवार, 17 अप्रैल 2011

खुदा


लोग मंदिर,
मस्जिद में मुझे ढूंढते
धर्म के ठेकेदारों से
पता मेरा पूंछते
निरंतर नए तरीकों से
मुझे खोजते
फिर भी मुझे पाते नहीं
मैं इंसान के दिल में रहता
ईमान और इंसानियत में
बसता
लालच से नफरत मुझे
सूरज बन
उजाला दिन में करता
रात को
चाँद बन कर निकलता
जो दिल से ढूंढता,
सिर्फ उसे मिलता
17-04-2011
696-120-04-11

Add to Google Reader or Homepage

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | cna certification