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बुधवार, 25 जनवरी 2012

आओ मिलकर हम मनाएं गणतंत्र का दिन


आओ मिलकर  हम मनाएं गणतंत्र का  दिन  


आज है गणतंत्र का  दिन 
देश  का ये  पर्व  है ;
हम हैं भारत के निवासी 
हम को इस पर गर्व है !

राजपथ पर आज तिरंगा
 शान से लहराएगा ;
''जय हिंद''  का नारा  गूंजेगा 
हर  ह्रदय  हर्षायेगा   ;
देख  कर बल सेनाओं का
जोश  में भर जायेंगें  ;
बार  बार  हम ख़ुशी  में 
बस यही   दोहरायेंगें    ,
आओ मिलकर  हम मनाएं  
हम सभी का धर्म है ,
हम हैं भारत के निवासी 
हम को इस पर गर्व है !

आज के दिन सन पचास में 
संविधान था लागू हुआ ;
लोकतंत्र की इस बुलंदी को 
हमने ही इस दिन था छुआ ,
पूर्ण संप्रभुता वाला अपना  
भारत वर्ष है ,
हम हैं भारत के निवासी 
हमको इस पर गर्व है !

                                       शिखा कौशिक 

गुरुवार, 19 जनवरी 2012

जय हो भारत माता की !


जय  भारत माता की 
जय हो भारत माता की !
Azadi 15 august
[गूगल से साभार ]

धरती से लेकर अम्बर तक ;
सूरज से लेकर समंदर तक;
पूरब से लेकर पश्चिम तक ;
उत्तर से लेकर दक्षिण तक ;
जय भारत माता ........


सीमाओं पर डट जाओ;
माँ की आन पे मिट जाओ ;
दुश्मन  से   जा टकराओ ;
मार दो या  मर जाओ ;
ye  kahte  nikle  dam     
जय  भारत  माता   की !


लक्ष्य से  विचलित  ना  हो  मन ;
रखना  सुरक्षित  अपना  वतन  ;
शत्रु  की चाल  को  करके विफल;
दिखला देना बाहुबल;
बस लबो  पे रहे  हरदम   
जय  भारत  माता  की .
                                             जय  हिंद !
                                       शिखा  कौशिक   
                                      [विख्यात ]


बुधवार, 21 दिसंबर 2011

भारत तो धरती को रब की सौगात है !







सिन्दूरी सुबह है ...उजली हर रात है 
अपने वतन की तो जुदा हर एक बात है 
जितने नज़ारे हैं जन्नत से  प्यारे है 
भारत तो धरती को रब की सौगात है .


बासन्ती मादकता मन को लुभाती है 
रंगीले फागुन में सृष्टि रंग जाती है 
गर्मी  मिटाने  आती  सावन  फुहारे  है 
सब  ऋतुओं  में आ  जाती उत्सव  बहारे  हैं 
गहरे निशा के तम में उज्जवल  प्रभात है 
भारत इस धरती .............................


पर्वत  हिमालय जैसा  सिर  पर  एक ताज  है 
पावन गंगा हर लेती हम  सबके  पाप  है 
बागों  में कोयल  गाती  कितना  सुरीला  है 
अपने वतन में सब  कुछ  कितना  रंगीला  है 
सूखी -प्यासी  धरती पर  ठंडी  बरसात  है 
भारत इस धरती को .....
                                                  शिखा  कौशिक  
                                       [विख्यात  ]

रविवार, 4 दिसंबर 2011

भारत माँ को नमन



अपनी जमीन सबसे प्यारी है ;
अपना गगन सबसे प्यारा है ;
बहती सुगन्धित मोहक पवन ;
इसके नज़ारे चुराते हैं मन ;
सबसे है प्यारा  अपना वतन ;
करते हैं भारत माँ को नमन 
वन्देमातरम !वन्देमातरम !
करते हैं भारत माँ ! को नमन .
उत्तर में इसके हिमालय खड़ा ;
दक्षिण में सागर सा पहरी अड़ा ;
पूरब में इसके खाड़ी बड़ी ;
पश्चिम का अर्णव करे चौकसी ;
कैसे सफल हो कोई दुश्मन ! 
करते हैं भारत माँ को नमन !
वन्देमातरम !वन्देमातरम !
करते हैं भारत माँ! को नमन .

हम तो सभी से बस इतना कहें ;
हिन्दू मुसलमान मिलकर रहें ;
नफरत की आंधी अब न चले;
प्रेम का दरिया दिलों में बहे ;
चारों दिशाओं में हो अमन ;
करते हैं भारत माँ! को नमन !
वन्देमातरम!वन्देमातरम!
करते हैं भारत माँ !को नमन .
                          जय हिंद !

सोमवार, 15 अगस्त 2011

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें !


स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें !
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कड़ी  धूप  हो  या कातिल ठंडी हवाएं 
हैं फौलादी इरादे हमारे हमको कौन डिगाए !
हम हैं बेटे भारत माँ के उस पे जान लुटाएं ;
है अगर दुश्मन में हिम्मत आ अभी टकराए .


खून में गर्मी हमारे,जोश भी है-होश भी ;
सिर पे बांधें हैं कफ़न हम,दिल में है आक्रोश भी;
हम ही रखते हैं सुरक्षित  देश की सीमायें .
है अगर दुश्मन.............................................

सारा भारत घर है अपना ; हम सभी के लाडले ,
होली के रंग हैं हम ही से ;हम ही दीवाली के दिए ,
हम सभी की रक्षा करती आप सब की दुआएं .
है अगर दुश्मन ..............................................
                                            शिखा कौशिक 
                    http://shikhakaushik666.blogspot.com

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