हर पल की खुशियां तू जीले,
जाने कल आये ना आये |
कल जो करना आज ही करले,
कल जाने क्या ना होजाए || ----हर पल की खुशियाँ.......
पल पल परिवर्तन का मौसम,
जो कल था वह आज नहीं है |
आज अभी है, कल न रहेगा,
इस जग का अंदाज़ यही है ||
प्रेम-प्रीति को रीति बनाकर,
स्वार्थ भूल परमार्थ सजाकर |
अपना-पराया भूल, खुशी से-
जीले, कल आये ना आये || ----हर पल की....
कल के लिए आज को खोना,
इन बातों में तथ्य नहीं है |
आज करे सो अब ही करले,
सुधी जनों का कथ्य यही है ||
कल पर कोई काम न छोडो ,
आज का काम अभी कर डालें |
उचित समय पर उचित कार्य हो ,
जाने कल आये ना आये || ----हर पल की......
बचपन बीते आये जवानी,
और बुढापा भी आता है |
हर पल का जीवन न जिए तो,
बीता पल मन तरसाता है ||
बचपन में बचपन की खुशियाँ ,
शोख जवानी की सौगातें |
खुशी खुशी निष्काम कर्म से,
सजती हों परमार्थ की बातें ||
वृद्धावस्था फिर न डराए,
चाहे कुछ भी कल होजाए |
जीवन खुशी खुशी जीले तो,
कल का डर फिर नहीं सताए || ......हर पल की खुशियाँ ......
6/05/2011 07:53:00 pm
shyam gupta
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