10-12-११ को मेरे पोते आराध्य का जन्म दिवस मनाया गया....उस उपलक्ष में ..दादीजी..सुषमा गुप्ता द्वारा गाया गया एक गीत....फ़ूलों के जैसा हंसना है तेरा, मुखडा है खिलता गुलाव।
क्या क्या कहें हम, क्या क्या बतायें,तेरा न कोई जबाव ॥
बावा औ दादी का लाडला है, नाना औ नानी का प्यारा ।
मामा औ मौसी का राजदुलारा, बुआ की आंखों का तारा ॥
मम्मी के ह्रदय का तू कंवल है, इस घर की पुष्पान्जली तू ।
पापा के मन का तू एक नगमा, धडकन की गीतान्जली तू ॥
तू इक बरस का जो आज होकर , पहला जनम दिन मनाये ।
आशीष बूआ का अपना जनम दिन, शत शत शरद तू सजाये ॥
मम्मी औ पापा की साधना का, आराध्य बन के तू आया ।
खुशियों के तू इस सुमधुर दिवस पर,सबके दिलों पर है छाया ॥
फ़ूलों के जैसा हंसना है तेरा, मुखडा है खिलता गुलाव ।
हम क्या कहें अब सब कह रहे हैं, न्यारा है तू लाज़बाव ॥
क्या क्या कहें हम, क्या क्या बतायें,तेरा न कोई जबाव ॥
बावा औ दादी का लाडला है, नाना औ नानी का प्यारा ।
मामा औ मौसी का राजदुलारा, बुआ की आंखों का तारा ॥
मम्मी के ह्रदय का तू कंवल है, इस घर की पुष्पान्जली तू ।
पापा के मन का तू एक नगमा, धडकन की गीतान्जली तू ॥
तू इक बरस का जो आज होकर , पहला जनम दिन मनाये ।
आशीष बूआ का अपना जनम दिन, शत शत शरद तू सजाये ॥
मम्मी औ पापा की साधना का, आराध्य बन के तू आया ।
खुशियों के तू इस सुमधुर दिवस पर,सबके दिलों पर है छाया ॥
फ़ूलों के जैसा हंसना है तेरा, मुखडा है खिलता गुलाव ।
हम क्या कहें अब सब कह रहे हैं, न्यारा है तू लाज़बाव ॥
| आराध्य |
12/17/2011 11:51:00 am
shyam gupta
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