song 2012 shikha kaushik लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
song 2012 shikha kaushik लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2012

नारी दुर्गा है ''चिकनी -चमेली '' नहीं !



 नारी दुर्गा है ''चिकनी -चमेली '' नहीं !

                                                 Durga Wallpaper
                                                      




''हू ला ला'' पर थिरके कदम 
''शीला-मुन्नी'' पर निकले है दम 
नैतिकता का है ये पतन 
दूषित हो गया अंतर्मन 
ओ फनकारों करो कुछ शर्म 
शालीन नगमों का कर लो सृजन 
फिर से सजा दो लबो पर हर दम 
वन्देमातरम .....वन्देमातरम !

नारी का मान घटाओ नहीं 
प्राणी है वस्तु बनाओ नहीं 
तराने रचो तो रचो सोचकर 
शक्ति है नारी तमाशा नहीं 
नारी की महिमा का फहरे परचम 
फिर से सजा दो ..........

नारी है देवी पहेली नहीं 
दुर्गा है ''चिकनी -चमेली '' नहीं 
इसका सम्मान जो करते नहीं 
फनकारी के काबिल नहीं 
बेहतर है रख दें वे अपनी कलम 
फिर से सजा दो ..............
                                       शिखा कौशिक 
                                   [विख्यात]

रविवार, 22 जनवरी 2012

सावधान रहें ऐसे गुरु -चेले से !


सावधान रहें  ऐसे  गुरु -चेले से !




गुरु  का  करते  हैं  वंदन ! 
तंत्र  सिखा  दो  मन्त्र  सिखा दो  
सिखा  दो  जादू  टोना  
खाली   झोली   लाया   हूँ   मैं  
भर   दो  चांदी   सोना  ;
गुरु  का  करते  ...............

वशीभूत करने का मुझको 
अब तो मन्त्र बता   दो ;
कैसे  ठगते  जनता  को  हैं ?
ये  षड्यंत्र  सिखा दो ,
गुरु का करते हैं ......

भोली  जनता बलि  का बकरा  
कैसे है  बन  जाती  ?
राज  खोल  दो आज  गुरु जी  
बात  समझ  नहीं  आती  ,
गुरु का करते .........

चेले  ने  जब  पैर  दबाये  
तब  गुरु जी ये बोले  ...
सबसे  पहले  साथ  में  रखो  
बड़े  बड़े  से  झोले  ,
गुरु का करते ....

झोले लेकर  जनता के फिर
बीच  में तुम को जाना ;
झाड़ -फूंक  का ढोंग  रचाकर  
अपना  रंग  जमाना  ,
गुरु का करते हैं वंदन ...

जगा  के लालच कहना  मैं 
दुगने कर दूंगा गहने ;
गहने हाथ  में आ  जाये 
फिर किस्मत  के क्या  कहने  !
गुरु का करते ...

सबकी आँखें बंद कराकर   
रफूचक्कर हो जाना ,
पुलिस  जो पकडे कभी तुम्हे 
फिर उसको भेंट  चढ़ाना   ,
गुरु का करते हैं ............

चेले मैंने  आज तुम्हे 
सारी विद्या  दे  डाली ;
बस तुम रीत निभाते रहना 
गुरु दक्षिणा  वाली  ,
गुरु का करते ....

                                                      शिखा कौशिक 
                                             [विख्यात ]

Add to Google Reader or Homepage

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | cna certification