
6/19/2011 09:20:00 pm

Shalini kaushik
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मेरे पिता -मेरे जीवनदाता
सूरज की चमक भी उनसे कम है;
फूलों की महक भी उनसे कम है ;
वो रख दें सिर पे हाथ जो आशीषों वाला ;
जन्नत की ख़ुशी भी उससे कम है ;
वो मेरे पिता हैं -मेरे जीवन दाता .
सूरज की ......
उनकी नजरों से देखा जग सारा ;
हर पल देते हैं हमको वो सहारा ;
अनुशासन में हैं पक्के,हर बात में दम है .
सूरज की ......
दुनिया के सातों रंग दिखाते ;
दुनियादारी के ढंग सिखाते ,
जब साथ मिला है उनका तो क्या कोई ग़म है !
सूरज की .....
शिखा कौशिक

6/17/2011 01:24:00 am

Shalini kaushik
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भारत माँ को नमन
अपनी जमीन सबसे प्यारी है ;
अपना गगन सबसे प्यारा है ;
इसके नज़ारे चुराते हैं मन ;
सबसे है प्यारा अपना वतन ;
करते हैं भारत माँ ! को नमन .
उत्तर में इसके हिमालय खड़ा ;
दक्षिण में सागर सा पहरी अड़ा ;
पूरब में इसके खाड़ी बड़ी ;
पश्चिम का अर्णव करे चौकसी ;
करते हैं भारत माँ को नमन !
करते हैं भारत माँ! को नमन .
हम तो सभी से बस इतना कहें ;
हिन्दू मुसलमान मिलकर रहें ;
प्रेम का दरिया दिलों में बहे ;
चारों दिशाओं में हो अमन ;
करते हैं भारत माँ! को नमन !
करते हैं भारत माँ !को नमन .