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रविवार, 19 जून 2011

मेरे पिता -मेरे जीवनदाता


मेरे  पिता -मेरे जीवनदाता 
सूरज की चमक भी उनसे कम है;
फूलों की महक भी उनसे कम है ;
वो रख दें सिर पे हाथ जो आशीषों वाला ;
जन्नत की ख़ुशी भी उससे  कम है ;
वो मेरे पिता हैं -मेरे जीवन दाता .
सूरज की ......

उनकी नजरों से देखा जग सारा ;
हर पल देते हैं हमको वो सहारा ;
अनुशासन में हैं पक्के,हर बात में दम है .
सूरज की ......

दुनिया  के सातों रंग दिखाते ;
दुनियादारी के ढंग सिखाते ,
जब साथ मिला है उनका तो क्या कोई ग़म है !
सूरज की .....
                                शिखा कौशिक 

शुक्रवार, 17 जून 2011

भारत माँ को नमन

भारत माँ को नमन
अपनी जमीन सबसे प्यारी है ;
अपना गगन सबसे प्यारा है ;
बहती सुगन्धित मोहक पवन ;
इसके नज़ारे चुराते हैं मन ;
सबसे है प्यारा  अपना वतन ;
करते हैं भारत माँ को नमन 
वन्देमातरम !वन्देमातरम !
करते हैं भारत माँ ! को नमन .
उत्तर में इसके हिमालय खड़ा ;
दक्षिण में सागर सा पहरी अड़ा ;
पूरब में इसके खाड़ी बड़ी ;
पश्चिम का अर्णव करे चौकसी ;
कैसे सफल हो कोई दुश्मन ! 
करते हैं भारत माँ को नमन !
वन्देमातरम !वन्देमातरम !
करते हैं भारत माँ! को नमन .

हम तो सभी से बस इतना कहें ;
हिन्दू मुसलमान मिलकर रहें ;
नफरत की आंधी अब न चले;
प्रेम का दरिया दिलों में बहे ;
चारों दिशाओं में हो अमन ;
करते हैं भारत माँ! को नमन !
वन्देमातरम!वन्देमातरम!
करते हैं भारत माँ !को नमन .
                          जय हिंद !
                                                 शिखा कौशिक   

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