अवनीश कुमार
दिल्लीः सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी द्वारा राजधानी में तीन दिवसीय उडिया फिल्म फैस्टिवल का शुभारंभ किया गया। इस समारोह के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि इस तरह के फैस्टीवल से निदेशालय ने क्षेत्रीय सिनेमा को प्रमोट करने का प्रयास किया है और जिससे यह सिनेमा महानगरों से बाहर निकलकर देश के बाहर भी प्रसिद्ध होगा। इस तरह के समारोह देश के बाहर भी अच्छे सिनेमा की पहचान बनाते हैं। यह केवल फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके विकास के लिए भी होते हैं। इससे राष्ट्रीय समाकलन में भी वृद्धि होती है। उडिया फिल्म फैस्टीवल तीन दिन के लिए था, जिसमें राजधानी के सिनेमा प्रेमियों के लिए उडिया सिनेमा की 75 सालों की विषयक और भिन्न प्रकार की फिल्म थी।
इस मौके पर बोलते हुए प्रसारण मंत्री ने कहा कि उडिया सिनेमा के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, फिर भी यह लंबे समय से चारों ओर घुम रहा है। पिछले 75 सालों में उडिया फिल्म इंडस्ट्री ने देश के फिल्म आंदोलन में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सबसे पहली 1936 में आई उडिया फिल्म सीता बिभा ने सजातीय फिल्मों की श्रेणी में नई परिभाषा लिखी।
श्रीमती सोनी ने आगे कहा कि फिल्म समारोह का निदेशालय 12 महीने के एक निश्चित समय में तीन राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड की घोषणा करेगा और इसको समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। ठीक इसी समय पर छोटे-छोटे फिल्म उत्सव भी देश के विभिन्न भागों में आयोजित किये जाएंगे। जिससे देश के फिल्म आंदोलन को तेज गति मिलेगी। कुछ क्षेत्रों में पहली बार इस तरह के आयोजन हुए हैं, जिनमें दक्षिण में कोहिमा, अंडमान और निकोबार द्वीप, शिमला , भोपाल और कोल्हापुर शामिल हैं। इस मौके पर उडिया सिनेमा पर लिखी एक मैग्जीन इफरोच का भी शुभारंभ किया गया। इस मौके पर राज्य के खाद्य और कृषिमंत्री श्री श्रीकांत कुमार जीना, उडिसा सरकार के मंत्री श्री प्रफुल्ल शामल भी उपस्थित रहे।
15-17 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय समारोह में कुछ प्रमुख फिल्में दिखाई जाएंगी, जिनमें जत्र जीवन जीवन यात्रा, कलांता अपहरण, इंद्राधनुरा छाई, निलमाधाब धौली एक्सप्रेस,जैन्ता बहुता और आदि मीमांसा प्रमुख हैं। समारोह की शुरूआत श्री निराद के द्वारा निर्देशित फिल्म माया मृंगा से होगी।
दिल्लीः सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी द्वारा राजधानी में तीन दिवसीय उडिया फिल्म फैस्टिवल का शुभारंभ किया गया। इस समारोह के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि इस तरह के फैस्टीवल से निदेशालय ने क्षेत्रीय सिनेमा को प्रमोट करने का प्रयास किया है और जिससे यह सिनेमा महानगरों से बाहर निकलकर देश के बाहर भी प्रसिद्ध होगा। इस तरह के समारोह देश के बाहर भी अच्छे सिनेमा की पहचान बनाते हैं। यह केवल फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके विकास के लिए भी होते हैं। इससे राष्ट्रीय समाकलन में भी वृद्धि होती है। उडिया फिल्म फैस्टीवल तीन दिन के लिए था, जिसमें राजधानी के सिनेमा प्रेमियों के लिए उडिया सिनेमा की 75 सालों की विषयक और भिन्न प्रकार की फिल्म थी।
इस मौके पर बोलते हुए प्रसारण मंत्री ने कहा कि उडिया सिनेमा के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, फिर भी यह लंबे समय से चारों ओर घुम रहा है। पिछले 75 सालों में उडिया फिल्म इंडस्ट्री ने देश के फिल्म आंदोलन में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सबसे पहली 1936 में आई उडिया फिल्म सीता बिभा ने सजातीय फिल्मों की श्रेणी में नई परिभाषा लिखी।
श्रीमती सोनी ने आगे कहा कि फिल्म समारोह का निदेशालय 12 महीने के एक निश्चित समय में तीन राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड की घोषणा करेगा और इसको समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। ठीक इसी समय पर छोटे-छोटे फिल्म उत्सव भी देश के विभिन्न भागों में आयोजित किये जाएंगे। जिससे देश के फिल्म आंदोलन को तेज गति मिलेगी। कुछ क्षेत्रों में पहली बार इस तरह के आयोजन हुए हैं, जिनमें दक्षिण में कोहिमा, अंडमान और निकोबार द्वीप, शिमला , भोपाल और कोल्हापुर शामिल हैं। इस मौके पर उडिया सिनेमा पर लिखी एक मैग्जीन इफरोच का भी शुभारंभ किया गया। इस मौके पर राज्य के खाद्य और कृषिमंत्री श्री श्रीकांत कुमार जीना, उडिसा सरकार के मंत्री श्री प्रफुल्ल शामल भी उपस्थित रहे।
15-17 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय समारोह में कुछ प्रमुख फिल्में दिखाई जाएंगी, जिनमें जत्र जीवन जीवन यात्रा, कलांता अपहरण, इंद्राधनुरा छाई, निलमाधाब धौली एक्सप्रेस,जैन्ता बहुता और आदि मीमांसा प्रमुख हैं। समारोह की शुरूआत श्री निराद के द्वारा निर्देशित फिल्म माया मृंगा से होगी।
4/20/2011 10:33:00 am
avneesh
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