ढाई आखर....
प्रेम के ढाई आखर में ,
ज्ञान, विज्ञान, तत्व-ज्ञान व ब्रह्म-ज्ञान
समाया है ;
प्रेम के ढाई आखर में ही समाई -
माया है |
इसीलिये तो-
प्रेम में प्रभु समाया है,
प्रभु प्रेम बन कर संसार में समाया है ;
प्रभु ने प्रेम को-
संसार में रमाया है ||
3/03/2011 11:11:00 pm
shyam gupta
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