"भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" के सभी लेखकों तथा पाठकों से एक अनुरोध करना चाहता हूँ, आप सभी के अपने अपने ब्लॉग हैं फिर भी आप इस मंच से जुड़े हुए हैं इसका क्या कारण है? जाहिर है आप एकता की शक्ति को पहचानते हैं और आप जानते हैं कि जो कार्य अकेले नहीं किया जा सकता वह कार्य समूह में रह कर भली-भाँती किया जा सकता है| ऐसे ही एक कार्य की आवश्यकता इस समय है और आप सभी का सहयोग चाहिए|
यदि आप "BBLM" के नियमित पाठक हैं तो आप ने कुछ दिन पहले आशुतोष जी का लेख पढ़ा ही होगा जिसमे उन्होंने एक विद्यार्थी के कष्ट को बयान किया था| विद्यार्थी का कहना है कि उनके स्कूल के एक शिक्षक कक्षा में अश्लील चुटकुले सुनाते हैं और कुछ ऐसा ही एक अध्यापिका के बारे में भी लिखा है|
पूरा लेख आप यहाँ पढ़ सकते हैं| कृपया कमेन्ट भी पढ़ें|
इस विद्यार्थी का ब्लॉग है
हिन्दुस्थान हिंदुत्व समाजवादी प्रजातान्त्रिक संघ यह खुद को नौवीं कक्षा का विद्यार्थी बताता है और स्कूल का नाम लखनऊ पब्लिक स्कूल|
इस विद्यार्थी ने (इस प्रकार का संबोधन सिर्फ इसलिए क्यूंकि ये उम्र में मुझसे छोटे हैं) कहा है कि इनके विद्यालय में दो ऐसे अध्यापक हैं जो अश्लील बातें करते हैं| आशुतोष जी शायद सरल प्रवृत्ति के युवक हैं सो उन्होंने इसकी बात पर विश्वास कर लिया तथा उसकी इस पोस्ट को कई ब्लोगों पर चिपका दिया यानि कि उसका प्रचार किया|
पर मुझे इस विद्यार्थी की बात पर विश्वास नहीं है कारण-
१. मुझे विश्वास नहीं कि नौवीं कक्षा का एक विद्यार्थी इस प्रकार के लेख लिख सकता है जैसे कि इस ब्लॉग में लिखे हुए हैं
हिन्दुस्थान हिंदुत्व समाजवादी प्रजातान्त्रिक संघ| पर यदि सच में ऐसा है तो बहुत खुशी की बात है क्यूंकि सच में हमारा देश तरक्की कर रहा है जिस दिन नौवीं कक्षा का विद्यार्थी इतना बुद्धिमान तथा निर्भय हो जायेगा उस दिन हमारे देश को किसी अन्ना हजारे अथवा महात्मा गांधी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी|
२. इस विद्यार्थी ने लिखा है "मेरी एक बार उनसे हिंदुत्व को लेकर बहस छिड़ गयी और उन्होंने मेरे पिताजी से यह शिकायत कर दी की मैं -मुस्लिम विरोधी हूँ जिसकी वजह से मुझे घर में फटकार मिली" इसके आगे बढते हुए आशुतोष जी ने लिखा है "उस बालक की विडम्बना देखिये की उसने अपने आज कल के तथाकथित विद्यालय में सनातन शिक्षा पद्धति की बात कही तो उसके घर तक शिकायत पहुंचा दी गयी विद्यालय द्वारा की आप का बालक गलत सोहबत में है....उसके बाहरी दुनिया से संचार के साधन कटवा दिए गए"
यदि इस विद्यार्थी के बाहरी दुनिया के संचार के साधन कटवा दिए गए हैं तो यह ब्लॉग पर लेख कहाँ से लिखता है?
आप, मैं और हम सभी आज इन्हीं तथाकथित विद्यालयों से शिक्षा पाकर निकले हैं और आशुतोष जी खुद इंजीनियर हैं और पूरे यकीन के साथ किसी गुरुकुल में नहीं पढ़े हैं|
फिर भी मैंने सोचा कि क्यूँ ना पता लगाया जाए कि यह विद्यार्थी झूठ बोल रहा है या नहीं? उसके लिए मैंने इससे यह जानकारी माँगी -
नाम-
स्कूल का नंबर-
सहपाठियों का नंबर-
इस समय किस कक्षा के विद्यार्थी हैं?
तथा पिछले तीन बर्षों में तुम्हारी क्लास में क्या स्थिति है?
इसके पापा का नंबर-
इनमे से किसी भी प्रकार की जानकारी ना तो इस विद्यार्थी ने दी और न ही आशुतोष जी ने|
मैंने लखनऊ पब्लिक स्कूल की साइट छानी तो पता चला कि यह काफी बड़ा स्कूल है तथा इसकी कुल ६ ब्रांच हैं, साउथ सिटी, रायबरेली, LDA सेक्टर D, LDA सेक्टर I, जानकी पुरम तथा गोमती नगर| इस साइट पर अध्यापकों का विवरण नहीं दिया गया है और ना ही किसी प्रकार का फोन नंबर दिया गया है जिससे संपर्क करके जानकारी प्राप्त की जा सके कि जिन अध्यापकों पर यह इल्जाम लगाया गया है वो सच में वहाँ पढाते भी हैं या नहीं|
यदि यह विद्यार्थी यह बताये कि ये किस ब्रांच में पढता है तथा प्रिंसिपल का नंबर प्रदान करे तो यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है|
आशुतोष जी से जब मैंने कहा कि आपने सत्य का पता करने का प्रयास किया या नहीं तो उनका कहना था- "@योगेन्द्र भाई:
आप इतने समझदार हैं..आप क्या चाहते हैं की में इस बालक के पिता और स्कूल में जाऊं..स्कूल में जाऊंगा तो स्कुल से बाहर कर दिया जाएगा पिता के पास जाऊंगा तो पिता से इसे झिडकी या कुछ और मिलेगी..क्युकी एक पिता अपने पुत्र को कैसे भी सिर्फ सफल देखना चाहेगा चाहे मैकाले की गाथा गा के..वो क्यों चाहेगा की कोई क्रांति या राष्ट्र की बात करे???...में ये तहकीकात करके इस बालक को और मुसीबत में नहीं डाल सकता ..जानकारी के लिए बता दूँ ये ९ वीं में पढता है..और शयद इश्वरप्रदत्त गुणों के कारण खेलने और घुमने की उम्र में राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की बात करने का अपराध कर रहा है."
डरपोक कभी भी समाज में बदलाब का माध्यम नहीं बने हैं
यह जून का महीना है, जुलाई से सभी स्कूलों में एडमिशन प्रारंभ हो जायेंगे यानि कि अभी समय नहीं निकला है अभी स्कूल से निकाले जाने पर अथवा स्वेच्छा से छोड़े जाने पर पढाई में किसी प्रकार का विघ्न नहीं आएगा, कहीं भी एडमिशन मिल जाएगा, अतः स्कूल से निकाले जाने की चिंता करने की आकाश्यकता नहीं है| इस समय निर्भय हो कर जांच पड़ताल की जा सकती है|
रही बात पिता की झिडकी की तो इतना निर्भय हो कर लिखने बाला अपने पिता की झिडकी से डरता है ये बात मैं मान ही नहीं सकता, और जब तुम बलिदानी भगत सिंह जी को अपना आइडल मानते हो तो डंडों से भी नहीं डरना चाहिए झिडकी क्या चीज है| एक बात और आशुतोष जी से पूछना चाहूँगा जब आप कुछ कर ही नहीं सकते तो व्यर्थ गाल बजाने का क्या औचित्य? और एक बात ध्यान रखें कि आप अकेले नहीं हैं पूरा "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" आपके साथ है आप अकेले कुछ नहीं कर सकते पर हम मिल कर उस अध्यापक को अथवा इस विद्यार्थी को सजा दिलवा कर ही रहेंगे|
खुशनसीबी से इस मंच पर कुछ वकील भी जुड़े हुए हैं, जिनसे गुजारिश करूँगा कि किसी कानूनी आवश्यकता पड़ने पर मदद करें तथा इस समय कानूनी रूप से किन किन चीजों की आवश्यकता है यह भी बताएं जिससे उन सभी चीजों की व्यवस्था की जा सके|
मैंने आशुतोष जी से कहा कि उस विद्यार्थी का वीडियो बना कर डालें| तो blogtakniki जी ने आगे लिखा है "आप वीडियो बनाने मै मास्टर हो, तो जरुरी नहीं कि सभी को इस काम में महारथ हासिल हो" इसका जबाब यह है कि मैं जिस प्रकार के वीडियो बनाता हूँ उसमे मेहनत चाहिए बहुत काम करना पड़ता है मैं मानता हूँ कि ऐसे वीडियो बनाना आसान नहीं होता पर किसी का इंटरव्यू करते समय सिर्फ कैमरे को हाथ में पकडे रहना होता है जिसके लिए इस क्षेत्र में मास्टर डिग्री नहीं चाहिए|
कुछ और तथ्य-
यह विद्यार्थी नौवीं कक्षा में पढता है, जिसके पास इंटरनेट, कम्प्यूटर है तथा बहुत अच्छे स्कूल में पढता है तो इसकी घर की स्थिति आर्थिक रूप से बहुत ही बढ़िया है और इसमें कोई शक नहीं कि इसके पास ठीक-ठाक मोबाइल हो, क्या यह अश्लील बातें करते हुए अध्यापक का वीडियो नहीं बना सकता जिससे उस अध्यापक को तुरंत बाहर किया जा सके|
मैं शिक्षा के उत्थान के लिए प्रयासरत हूँ इसलिए जब भी शिक्षा व्यवस्था में कोई खामी दिखाई देती है तो शांत नहीं बैठा जाता| आज मौका है दो अध्यापकों अथवा एक विद्यार्थी को दण्डित करने का मैं इसको गंवाना नहीं चाहता| आप सभी से एक गुजारिश है इस मंच ने आपको और मुझे शक्ति दी है संगठन की शक्ति| इस मंच को ऑफिस के लंच टाइम में राष्ट्र तथा देश के मुद्दे पर होने वाली चर्चा की तरह इस्तेमाल ना करें बल्कि चर्चा से आगे ले जाकर कर्म पर ध्यान दें| तो आज मौका है यदि आप में से कुछ लोग लखनऊ में रहते हैं तो आप इस बालक से मिल सकते हैं और वस्तुस्थिति का पता लगा सकते हैं, स्कूल में जा सकते हैं| यदि आर्थिक मदद की आवश्यकता पड़े तो १०० सदस्य तथा २५० से अधिक फोलोवर यदि 100 रु. भी जमा करेंगे तो बहुत जरूरत से ज्यादा रुपये जमा हो जायेंगे|
इस विद्यार्थी से भी कहूँगा कि अब डरना छोड दो बहुत लोग तुम्हारे साथ हैं, अब यदि कोई गलत है तो वह स्कूल से निकल कर ही रहेगा| यदि तुम सही हो तो जितनी जानकारी तुमसे माँगी गयी है वो 2 दिन के अंदर यहाँ कमेन्ट में दे दो अन्यथा यह माना जायेगा कि तुम झूठ बोल रहे हो और तुम्हारी सभी बातें निराधार हैं|
मैं "कर्म ही पूजा है" "कर्म करो फल की चिंता मत करो" महावाक्यों को अपने जीवन में उतारने का पिछले 5 बर्षों से प्रयत्न कर रहा हूँ इसलिए सिर्फ बोलना तथा सिर्फ बोलने वाले लोग पसंद नहीं करता| आपके पास कर्म करने का मौका है आज दिखा दो कि ब्लोगिंग से भी कुछ बेहतरीन किया जा सकता है| जिससे ब्लोगिंग सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम भर ना रह कर समाज में बदलाब का माध्यम बन जाए| आज इस छोटे से बदलाब से शुरू करते हैं और धीरे धीरे बड़े बदलाब की तरफ कदम उठाते हैं|