मंगल यादव, नोएडा
सभी ब्लॉगर्स को होली की अग्रिम बधाई एवं शुभकमानाएं। ईश्वर आप सब के जीवन में रंग-बिरंगी खुशियां दे।
होली सप्ताह शुरु हो चुका है। आइए हम सब मिलकर होली मनाएं। ऐसी होली जो सभी को खुशियां ही खुशिया दें। तरह-तरह रंग में रगें हम भारतीय एक-दूसरे के जीवन में सहयोग का हाथ बढ़ाये। होलिका रुपी समाजिक बुराई और भ्रष्टाचार को जलाने का
संकल्प लें। 
होली हर साल की भांति मना कर भूल न जायें। यही ठीक समय है जब हमें अपने कर्तव्य के प्रति जागरुप होना होगा। समाज में कुंठा समेत कई रोग है जिसे दूर करने की शक्त आवश्यकता है। होली को लोग रंग खेलकर और नशीले पेय पदार्थ पी कर यह भूल जाते हैं कि जिस चीज की होली हमें मनानी चाहिए वह तो हमसे दूर भागती जा रही है। जरा सोचिए- क्या हम खुश हैं , क्या हमारे पास वो चीज है जो एक इंसान के अन्दर होने चाहिए ? झूठ, कपट, ईर्ष्या और बैर-भाव इन्सानियत के नाम पर कलंक है जो समाज में आजकल ज्यादा देखने को मिलते हैं। क्या बुराई पर अच्छाई की जीत हुई है। मंथन करके सोचिए इस समय हिरण्याकश्यप बढ़ने के सिवाय कम नही हुए हैं। प्रहलाद जैसे ईश भक्त अब कहां ? जो भगवान को धरती पर जन्म लेने पर बाध्य कर सकें।
होली मनाने का सही मतलब तभी होगा जब हिरण्याकश्यप रुपी कुशासक जो हमारे ऊपर राज कर रहें हैं उसका और होलिका रुपी बुराई का समाज से अन्त हो।
3/16/2011 10:49:00 am
बेनामी
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1 टिप्पणियाँ:
man gayi holi bhai.
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