सम्मानित स्वजन, लेखको के बीच जिस महाभारत के जंग की घोषणा की गयी थी. उसकी अंतिम तिथि १५ मार्च निर्धारित थी, किन्तु कुछ लेखक इस परिवार में बाद में जुड़े जो इस जंग में हिस्सा लेना चाहते थे. हम सबकी भावनाओ का सम्मान करते हुए अंतिम तिथि २० मार्च निर्धारित कर रहे है. हमने सोचा इस महाभारत का विषय प्रेम है, लिहाजा प्रेम और भाईचारे के त्यौहार तक महाभारत चलता रहे.. उसके पश्चात् इस विषय पर आये सभी लेख निर्णायक मंडल के हवाले कर दिया जायेगा. तत्पश्चात जो निर्णय होगा वह आपके समक्ष होगा. अनवर भाई साधना में जाने की बात कहकर गायब है, उनसे अनुरोध है की अपनी जिम्मेदारी को अवश्य समझे. आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामना..
3/15/2011 06:58:00 pm
हरीश सिंह
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