मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011

हरेक आदमी अपने मत को सामने ला सकता है ताकि विश्व भर के लोग जान सकें कि वह मत उनके लिए कितना हितकर है ? Hindi blogging

हम सब एक परिवार हैं । हिंदी भाषा के कारण हमारे दरमियान प्यार की एक वजह भी दूसरों की अपेक्षा अधिक ही है और हक़ीक़त यह है कि हम आपस में प्यार करते भी हैं । यही वजह है कि राजनैतिक वर्चस्व के लिए लड़ने वालों ने अपने स्वार्थ के लिए धर्म-मत , जाति , संप्रदाय और भाषा-क्षेत्र के आधार पर हमेशा मानव जाति को बाँटा और एक को दूसरे से काटा लेकिन मनु के परिवार का मुखिया स्वयं ईश्वर है । उसने विज्ञान को उन्नति देकर तमाम राजनैतिक सरहदों को आज हमारे लिए बेमानी और व्यर्थ बना दिया है ।
अब योग का दौर आ चुका है । बंदा बंदे से जुड़े बिना रब को नहीं पा सकता । माँ , बाप , गुरू , अतिथि , जीवन साथी और पड़ौसी , बहुत से रूप और रिश्तों में हमारे चारों तरफ़ मालिक की अद्भुत रचनाएं मौजूद हैं । हम इन सबसे बहुत कुछ पाते हैं और देते भी हैं । इंटरनेट की सुविधा ने इस लेन देन को और भी ज़्यादा आसान और व्यापक बना दिया है।
ईश्वर की इस अनमोल कृपा और वरदान का लाभ उठाते हुए सभी हिंदी ब्लागर्स को यह कोशिश करनी चाहिए कि पूरे विश्व को यह बोध हो जाए कि वे मनु की संतान हैं इसीलिए वे Man या मनुष्य कहलाते हैं ।
...और सबसे पहले यह बोध हम हिंदी ब्लागर्स में आना चाहिए ।
पूरे विश्व मानव परिवार में शांति और समृद्धि आने का अब यही एकमात्र उपाय है।

नियम
हरेक हिंदी ब्लागर इसका सदस्य बन सकता है और भारतीय संविधान के खिलाफ न जाने वाली हर बात लिख सकता है ।
किसी भी विचारधारा के प्रति प्रश्न कर सकता है बिना उसका और उसके अनुयायियों का मज़ाक़ उड़ाये ।
मूर्खादि कहकर किसी को अपमानित करने का कोई औचित्य नहीं है ।
जो कोई करना चाहे केवल विचारधारा की समीक्षा करे कि वह मानव जाति के लिए वर्तमान में कितनी लाभकारी है ?
हरेक आदमी अपने मत को सामने ला सकता है ताकि विश्व भर के लोग जान सकें कि वह मत उनके लिए कितना हितकर है ?
इसी के साथ यह भी एक स्थापित सत्य है कि विश्व भर में औरत आज भी तरह तरह के जुल्म का शिकार है । अपने अधिकार के लिए वह आवाज़ उठा भी रही है लेकिन उसके अधिकार जो दबाए बैठा है वह पुरुष वर्ग है । औरत मर्द की माँ भी है और बहन और बेटी भी । इस फ़ोरम के सदस्य उनके साथ विशेष शालीनता बरतें , यहाँ पर भी और यहाँ से हटकर भी । औरत का सम्मान करना उसका अधिकार भी है और हमारी परंपरा भी । जैसे आप अपने परिवार में रहते हैं ऐसे ही आप यहाँ रहें और कहें हर वह बात जिसे आप सत्य और कल्याणकारी समझते हैं सबके लिए ।
These are some suggestion for learned members of this blog .
Please think about it.

5 टिप्पणियाँ:

Harish singh ने कहा…

उम्दा विचार समर्थन.

शालिनी कौशिक ने कहा…

bilkul sahi kaha hai aapne .purntaya sahmat .

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

प्रेरणास्पद ।

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

Thanks all of you.

हरीश सिंह ने कहा…

आदरणीय अनवर भाई. , आप यहाँ पर आये वह भी एक सुन्दर सलाह के साथ आपका दिल से स्वागत, आपने हमारे निमंत्रण का मान रखा इसके लिए हम आपके ऋणी है. हम एक अपना ब्लॉग परिवार बनाना चाहते हैं. हमारी मंशा पद की जिम्मेदारी देकर किसी को भी दायरे में नहीं बाँधने की नहीं है . परिवार में बड़ा वही कहा जाता है जो अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाता है. इस ब्लॉग में सहयोग देने वाले बराबर की जिम्मेदारी लेंगे. परिवार में जो सदस्य बड़ा है. उसका सम्मान होता है. आप सभी लोग हमसे बड़े है, हम आप सभी का सम्मान करते हैं. जहा प्यार होता है, तकरार भी वही होता है. यदि सभी एक दूसरे की भावनाओ का सम्मान करेंगे तो हर तकरार के बाद प्यार और बढ़ता जायेगा. एक दिन हमारा परिवार बहुत बड़ा और बहुत ही मजबूत होता जायेगा. आप सभी अपने को इस परिवार का मुखिया मानकर इस परिवार को मजबूत बनाये यही मेरी कामना है. और हमें यह भी विश्वास है की यदि आपने क़ाबलियत का इस्तेमाल सही ढंग से किया तो. निश्चित रूप से उत्तरप्रदेश का यह सबसे बड़ा परिवार होगा. इस परिवार में कभी किसी भी पद का बंटवारा नहीं होगा. अपनी अमूल्य राय से हमें हमारी भूलो का एहसास कराते रहे. धन्यवाद.


हरीश सिंह मिथिलेश धर दूबे

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