बुधवार, 22 नवंबर 2017

सोमवार, 13 नवंबर 2017

शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

सोमवार, 6 नवंबर 2017

शनिवार, 4 नवंबर 2017

रविवार, 29 अक्तूबर 2017

गुरुवार, 7 सितंबर 2017

पत्रकार लंकेश की हत्या के विरोध में पत्रकारो ने किया प्रदर्शन,सौपा ज्ञापन

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*हत्या की सीबीआई जांच की मांग*
*वाराणसी पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक के नेतृत्व में आज कचहरी मुख्यालय पर*
*वाराणसी,भदोही,चंदौली,जौनपुर,सोनभद्र,के दर्जनों पत्रकारो ने बेंगलूर में वरिष्ठ महिला पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने व भड़ास डाट काम के संपादक यसवंत सिंह पर जानलेवा हमला किये जाने के बिरोध में पत्रकारो ने जुलूस निकाल कर जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी किया।पत्रकारो ने महिला पत्रकार के हत्यारो की गिरफ्तारी व उनके परिजनों को 10 लाख रूपये का मुआवजा दिलाने के साथ* *सीबीआई जांच कराने की मांग की। वही प्रदर्शनकारी पत्रकारो ने यसवंत सिंह के हमलावरों की गिरफ्तारी एवं पत्रकारो के लिए सुरक्षा कानून बनाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री के नाम संबोधित पत्र अपर जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार पाण्डेय को सौपा।एडीएम सिटी पाण्डेय ने* *आश्वासन दिया कि पत्रकारो का पत्रक भारत के प्रधानमन्त्री को भेजा जाएगा।प्रदर्शन में विनय कुमार मौर्या हरीश& सिंह,पवन तिवारी,सोनू सिंह,पवन* *पाण्डेय,संतोष पाण्डेय सत्येंद्र दुबे,मदन मोहन शर्मा,अब्दुल बारी खान,नवीन प्रधान,कृष्णा सिंह,दया शंकर पाण्डेय, मदन मोहन* *शर्मा,अभिनव कुमार पांडे,रेवती रमण शर्मा,चंद्र बालक राय,टिंकू सरदार,विश्वजीत राय, बीरेंद्र पांडेय,संतोष सिंह, राजू सेठ,रवि प्रकाश बाजपेई,राजू सेठ द्वितीय, दिलीप सिंह,मोहम्मद इरफान हाशमी,मदन मोहन* *मिश्रा,रामदुलार यादव,संतोष दुबे,भरत निधि तिवारी,संजीव रतन शर्मा,जितेंद्र कुमार अग्रहरि,राजकुमार बाल्मीकि,उमेश कुमार उपाध्याय,विनीत पांडे, दया शंकर पांडे,सुनील प्रजापति,दीपक तिवारी, आशीष कुमार गुप्ता, पंकज मिश्रा,कृष्ण कांत मिश्रा,त्रिपुरारी यादव, विक्की मध्यानी,संतोष कुमार सिंह मुकेश कुमार मिश्रा,राम बाबू यादव, आफताब आलम,युसूफ खान,मनीष* *रावत,अमरदीप,पंकज पाण्डेय,मंजीत पटेल,राजेश मिश्रा,विवेक यादव,राजू प्रजापति,सहित कई दर्जन पत्रकार उपस्थित रहे।फोटो।*

बुधवार, 6 सितंबर 2017


 GAZAL

पिघल कर आँख से उसकी दिल ए पत्थर नहीं आता"
वो हर गिज़ दोस्तो मेरे जनाज़े पर नहीं आता

दिखाया होता तूने आइना उसको सदाक़त का
जो  आया करता था झुक कर, कभी तनकर  नहीं आता।


 मुझे विशवास है मेरे खुदा की राज़दारी पर 
चलूँगी जब तलक वो ले के मंज़िल पर नहीं आता


छुपा कर अपने ग़म देता है जो खुशियाँ ज़माने को
वो शिकवा दर्दका लब पर कोई रखकर नहीं आता


किनारे पर खड़ा तब तक तकेगा राह वो मेरी
सफीना जब तलक भी नाखुदा लेकर नहीं आता


सितारे गर्दिशों में लाख हैं तक़दीर के माना  
 मगर जज़्बे में कोई फर्क़ ज़र्रा भर नहीं आता


बिना उसके मुझे  ये ज़िंदगी दुश्वार  लगती  है
कोई झोका हवा का भी उसे  छूकर  नहीं  आता


 इजाज़त किस तरह देता है दिल ऎसी कमाई की
निकम्मे को  जो तिनका तोड़ कर दफ्तर नहीं आता)


ग़रीबी में वो रुस्वाई से अपनी डरता है निर्मल 
किसी के सामने यूँ शख्स वो खुलकर नहीं आता
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शनिवार, 2 सितंबर 2017

बात पुरानी है !!: मैं तो यहीं हूँ ना.....तुम कहाँ हो.....!!

बात पुरानी है !!: मैं तो यहीं हूँ ना.....तुम कहाँ हो.....!!: इक दर्द है दिल में किससे कहूँ ..... कब त लक यूँ ही मैं मरता रहूँ !! सोच रहा हूँ कि अब मैं क्या करूँ कुछ सोचता ह...

बात पुरानी है !!: क्या यह सब एक मजाक है ??(भूतनाथ)एक था देश,

बात पुरानी है !!: क्या यह सब एक मजाक है ??(भूतनाथ)एक था देश,: मैं भूत बोल रहा हूँ..........!! क्या यह सब एक मजाक है ??(भूतनाथ)एक था देश, एक था देश,बड़ा ही विभिन्नताओं वाला और विश्व का सबसे बड़ा लोक...

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