गुरुवार, 19 मई 2011

युवराज राहुल बाबा के अंधभक्तों के लिए .



राहुल गाँधी, "कांग्रेस महासचिव" भारतीय राजनीति में वह चेहरा जिन्होंने युवाओं को राजनीति में आने का न्योता दिया लेकिन खाने को नही दिया I देखा जाए तो आने वाले समय में पूरे देश में युवाओं की संख्या 70% हो जाएगी I इसी स्थिति को भांप कर राहुल गाँधी ने युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने का पुरजोर प्रयास कियाI

हम आपको बताते हैं राहुल गाँधी हैं कौन?
राहुल गाँधी स्वर्गीय श्री राजीव गाँधी और मैडम सोनिया गाँधी के पुत्र हैं जो उत्तर प्रदेश के अमेठी संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और कांग्रेस के महासचिव हैं I
राहुल काफ़ी चर्चा में रहे जैसे:-

     सुकन्या

2006 में गैंग रेप केस- 

3 दिसंबर 2006 को राहुल गाँधी, अपने 7 विदेशी दोस्तों के साथ जो कि ब्रिटेन व इटली के थे, अमेठी के भ्रमण पर थे I रात को लगभग 9 बजे वीआइपी जोन के गेस्ट हाउस में, राहुल गाँधी और उनके दोस्तो ने जम के शराब पी, तभी 24 वर्षीय सुकन्या देवी, जो कि बलराम सिंह (नेहरू गाँधी परिवार के वफ़ादार) की लड़की थी, को 2 साल बाद राहुल गाँधी से मिलने का मौका मिला और वो भी रात में I जब सुकन्या ने देखा कि सभी शराब के नशे में हैं, तो उसने घर जाने की इच्छा जाहिर की तभी राहुल गाँधी के सभी दोस्तों ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया I बाद में उसे डराया, धमकाया और उसे अपना मुहं बंद रखने के लिए कहा गया I इसके लिये उसे 50 हज़ार रुपये भी दिए गये I सुकन्या थाने गयी लेकिन वहाँ रिपोर्ट दर्ज नही की गयी I जब सुकन्या के पिता को पता चला तो वह डर गये और उनकी हिम्मत नहीं हुई कि राहुल गाँधी के उपर उंगली उठाए ज़्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें..... http://www.indybay.org/uploads/2007/01/29/rahul.pdf
http://www.indybay.org/newsitems/2007/01/29/18353868.php ,  http://www.petitiononline.com/rahulrap/petition.html 

शायद अब तक ये पेज राहुल बाबा ने ब्लाक करा दिए हों..
आज तक सुकन्या का पूरा परिवार लापता है।यह कांड सही है तो राहुल गाँधी को वही सज़ा देनी चाहिए जो की भारतीय न्यायालय बलात्कारियों को देता है I और यदि यह पूरा मामला ग़लत है तो यह समाचार जिन साइटों पर है उनपर कारवाई होनी चाहिए I क्योंकि भारत के भावी प्रधानमंत्री के उपर इतना बड़ा इलज़ाम लगाना सही नही है I या  तो भारत सरकार को सुकन्या नामक लड़की और उसकी माँ को ढूँढना चाहिए या फिर CBI से इसकी सत्यता की जाँच करानी चाहिए I


राहुल गाँधी की बोस्टन हवाई अड्डा पर गिरफ़्तारी-

राहुल गाँधी अपनी महिला मित्र के साथ अमेरिका के बोस्टन हवाई अड्डे पर पकड़े गये थे I कहा जाता है कि FBI ने इनके पास से ड्रग्स और २ मिलियन अमेरिकी डालर पकड़े थे और एक रात के लिए जेल के भीतर भी रखा था I  नटवर सिंह ने ब्रजेश मिश्र से बात की जो की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और एन डी ए से मदद माँगी थी I कहा जाता है कि राहुल गाँधी के महिला मित्र के पिता काफ़ी बड़े ड्रग्स माफ़िया थे इसलिए उन्हे पकड़ा गया था I वैसे आज तक ना ही FBI और ना ही भारत सरकार ने राहुल गाँधी की बोस्टन हवाई अड्डे के बारे में कोई जानकारी दी है I वैसे इस कांड को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका  डाली गई जिसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी I
आख़िर राहुल गाँधी के इस विवाद का सच जनता के सामने आना चाहिए। क्योंकि राहुल गाँधी हमारे भावी प्रधान मंत्री हैं I

हिंदू संगठन देश में आतंकवाद की नई फसल लहलहाने में लगे हैं I 

जब राहुल गाँधी ने संघ की तुलना सिमी से की तो इसे सिर्फ बकवास ही कहा गया I विकिलीक्स के खुलासे के अनुसार राहुल गाँधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर से कहा कि “भारत में कुछ मुस्लिम लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करते हैं, परंतु देश को सर्वाधिक ख़तरा कट्टरवादी हिंदू संगठनों से है I इस तरह की बातें बोल कर मुसलमानों के साथ टकराव की स्तिथि  पैदा करते हैं” -राहुल गाँधी
राहुल के इस बयान के मुताबिक लश्कर से ज़्यादा ख़तरनाक कट्टरवादी हिंदू संगठन हैं I चलिए हम मान भी लें की हिंदू संगठन देश में आतंक की नयी फसल लहलहाने में लगे हैं तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा का मामला है I राहुल गाँधी को इस मुद्दे को देश के भीतर ही उठाना चाहिए था I केंद्र में कॉंग्रेस की ही सरकार है, इसकी पूरी ज़िम्मेदारी उनके ही मंत्री संभालने वाले हैं I
यदि राहुल गाँधी को लगता भी है कि हिंदू आंतकी संगठन देश में अपने पाव पसार रहे हैं तो यह बात संसद में बोलनी चाहिए थी I संसद में वो बोल नहीं पाते हैं क्या विपक्ष से डरते हैं ?

बिहार चुनाव में राहुल गाँधी ने बढ़ -चढ़ कर भाषण दिया I उन्होने वादे भी किये कि बिहार विधान सभा में ज़मीनी कार्यकर्ता और युवाओं को विधान सभा टिकट दिया जाएगा I लेकिन 10 जनपथ में बैठे टाइपिस्ट राहुल गाँधी के उम्मीदवारों की सूची को अनदेखा कर अपनी सूची के आधार पर सभी को टिकट दिये I जिसके परिणाम स्वरूप राहुल गाँधी 22 विधान सभा क्षेत्र में भाषण देने गये वहाँ से हार का सामना करना पड़ा और जहाँ उनके कदम नहीं पड़े वहाँ से कांग्रेस विजयी हुई I इस घटना को क्या कहा जाये? लगता है राहुल गाँधी बिहार चुनाव में अशुभ साबित हुए I

दलितों को 'दलित' कह कर असम्मान देना-

दलित के घर जाकर दलित प्रेम का झूठा नाटक करना।यदि नाटक नही है,तो राहुल गाँधी अपने सरकार के मंत्रिमंडल में देखें कि दलित मंत्री है ? राहुल गाँधी को लगा कि अब मायावती की नकल की जाये I उत्तर प्रदेश के सभी दलितों को अपनी और आकर्षित करना चाहिए I
इसके लिए राहुल गाँधी दलित के घर जाकर खाना खाते और उनके अधनंगे बच्चों के साथ दिखावटी खेल खेले। यदि एक वाक्य में कहे तो दलित को दलित कहना ही दलित को नीचा दिखाना काफ़ी है I राहुल गाँधी अक्सर यह असम्मान दलितों को देते रहे हैं I

घोटाला के बारे में कुछ ना बोलना-
राष्ट्र मडल खेल में करोड़ो का घोटाला, २जी स्पेकट्रम 1 लाख 76 हज़ार करोड़ का घोटाला, आदर्श सोसायटी का घोटाला हुआ पर राहुल गाँधी ने इन घोटालों पर अपने एक शब्द भी नहीं रखे I और शब्द रखते भी तो कैसे चोर-चोर मौसेरे भाई I

दोस्तों अब आप के हाथों में है कि आप राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री देखना पसंद करेंगे या नही I जिसके दामन में कई दाग हैं, भले उनके शरीर में दाग न हो उनके कपड़ो में काफ़ी दाग है I 

15 टिप्पणियाँ:

शालिनी कौशिक ने कहा…

agar yah sab satya hai to rahul ji ke andh virodhi ji aap ye to batayen ki aap jaise andh virodhi unke khilaf jhanda buland kyon nahi kar rahe arthat bharatiy sansad me jo vipaksh baitha hai kya vah bhi vahan nahi bol pata aur yadi nahi bol pata to ghar kyon nahi baith jata.

ईं.प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

कृपया मेरी भी कविता पढ़ें और अपनी राय दें..
www.pradip13m.blogspot.com

आशुतोष की कलम ने कहा…

शालिनी जी युवराज राहुल गाँधी जी का विरोध मतलब विपक्ष(भारतीय जनता पार्टी) का समर्थन कैसे मान लिया आप ने..
अगर विपक्ष अपना कम सही ढंग से करता तो अबतक युवराज अपने सही स्थल पर होते इटली या तिहाड़..
आप ने कहा विरोध क्यों नहीं करते मेरे जैसे प्राणी के पास विरोध का तरीका लेखनी ही है..चुनाव लड़ने की औकात नहीं है.
और आवाज ही तो बुलंद कर रहा हूँ और आप जैसे सक्रिय एवं समर्पित लोगों का सहयोग मांग रहा हूँ..

हरीश सिंह ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
हरीश सिंह ने कहा…

शालिनी जी, यहाँ पर मैं आशुतोष जी की बात से सहमत हूँ, राहुल गाँधी की सच्चाई लोंगो के सामने रखने का मतलब यही है. की लोग इसकी हकीकत जाने , इसका मतलब किसी का विरोध या समर्थन नहीं होता. जो गलत कार्य करे वह गलत है चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान या फिर कोई भी राजनितिक दल. कांग्रेस का काम हमेशा गरीब और हिन्दू विरोधी रहा है क्योंकि मुखिया जो कहता है वही सब करते हैं, इस पार्टी के करता-धर्ता मुस्लिम है, जो हिन्दू के छद्म नाम से रहते है. नेहरु व गाँधी परिवार हिन्दू है ही नहीं. सभी विदेशी संस्कृति से प्रभावित है. ऐसे लोग देश और हिन्दुओ के बारे में क्यों सोचेंगे. आज मुसलमान और हिन्दुओ के बीच में दीवार डालने का कांग्रेस ने किया है, क्योंकि यह लोग भी फूट डालो और राज़ करो की नीति पर काम कर रहे हैं.
--
विश्वास नहीं तो यह पोस्ट पढ़े.
http://blog.sureshchiplunkar.com/2007/04/blog-post_18.html

हरीश सिंह ने कहा…

ashu ji jai ho

हरीश सिंह ने कहा…

क्या भाई आशु जी, आपने लिंक देकर साईट ही बंद करा दिया. वहा सब गायब है. एक बचा है वह देखिये कब गायब होता है.

गंगाधर ने कहा…

jai ho

Arunesh c dave ने कहा…

भारत के राज कुल के चमचमाते सितारे पर दाग लगाने की कोशिश रामू काका को मालूम पड़ा तो आपको बहुत खरीखोटी सुनायेंगे

आशुतोष की कलम ने कहा…

हरीश जी..बहुत बहुत आभार जो आप ने सच्चाई स्वीकार की..साईट तो युवराज के रामू काका(डाग विजय सिंह) ने बंद करा दी होगी
दवे जी रामू काका को मिर्गी के दौरे आते हैं तो वो किसी को भी सुनाते हैं.उनको कहा रामदेव से फुर्सत मिलने वाली..

mahendra srivastava ने कहा…

agar yah sab satya hai to rahul ji हाहाहहाहाहाह.. अगर ये सब सत्य है फिर "राहुल जी" शालिनी जी आपको क्या हो गया है। ये लेख बहुत ही जिम्मेदारी से लिखा गया है। बहुत पुरानी बात भी नहीं है। अब तो राहुल को सही रास्ते पर लाने के लिए गांधी परिवार के करीबी रहे आर के धवन ने भी सुझाव दिए हैं।

amarshiv ने कहा…

shalini ji aapne bhi soaib akhtar aur grag chepal jeise treeka tlash kiya hai highlight hone ke liye theek tareeka hai magar ghooth ki saja oopar wala deta hai yad rakhiye aane wala samya aapko ye dikhayga agar aap sach kaha rahi hai to samne wala jameen par hoga,aur yadi aap ghooth kaharahi hai to aapka kahi pata na milega.

बेनामी ने कहा…

bekar ki bate likhne se achha hai ki khuch kaam dhaam karo bevkuf logo.

तेजवानी गिरधर ने कहा…

एक जमात है, जिनका काम ही ये है कि नेहरू गांधी परिवार को बदनाम करना और सत्ता से बेदखल करना, मगर अफसोस की उनको जनसमर्थन नहीं मिल रहा रहा है

GYanesh Kumar ने कहा…

कुछ लोगों ने तो कुछ भी दिमाग से सोचना ही बन्द किया हुआ है आशु जी पता नही क्यू इन लोगों को सत्य से परहेज है अरे भाई हमारी न मानो केवल तथ्यों को पहिचानो फिर निर्णय लो।सोचो 1923 का केरल मालावार के तट पर हुआ दंगा और दंगे में हजारों हिन्दु वहिन वेटियों खासकर वह ब्राह्मण बहुल क्षेत्र था सो समझने की बात है कि झेलने बाले भी ज्यादा तर ब्राह्मण ही होंगे लैकिन कुल मिलाकर हर वर्ग के हिन्दुओं के साथ बलत्कार हुआ था क्योंकि ब्राह्मणों के साथ ही वहाँ अन्य वर्ग के लोग भी रहते थे। खिलाफत आन्दोलन के फेल होने पर क्योंकि वेवकूफ लोगों ने गाँधी जी व नहेरु की बातों में आकर मुसलमानो को तन मन व धन तीनों से भरपूर सहयोग किया था जिस धन से अहिंसावादी महात्मा के होते हुए भी मुसलमानों ने हथियार खरीदे तथा अग्रेजों ने तो नेस्तनाबूद कर दिये इनके मंसूवे किन्तु हिन्दुओं पर यह कहर टूटा और हजारो की संख्या में हिन्दुओं को मारा काटा गया और मुसलमान बनाया गया।
उसके बाद अनेको मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में दंगे हुए औऱ अलग अलग जगह पर हिन्दुओं के साथ बुरा वर्ताव हुआ।दंगों के बाद गाँधी जी व नहेरु आदि ने न तो कोई भर्तस्ना ही की और न ही मुसलमान बनाए गये हिन्दुओं को दोबारा जो हिन्दु बनना चाहते थे को भी यह सलाह दी कि अब वे दोबारा हिन्दु वनने की न सोचे क्योंकि इससे टकराव की संभावना वन जाएगी।और इतना सब झेलने के बाद क्यों गाँधी व नहेरु ने देश का धार्मिक आधार पर बंटबारा हो जाने के बाद भी मुसलमानों को यहाँ रहने का मौका ही नही दिया अपितु हिन्दुओं के हिस्से के भारत को सबका यानि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र वनाने की जिद ही नही ठानी अपितु बना ही दिया।
वो भी तब जबकि भारत में तावड़तोड़ मुस्लिम दंगाई दंगा करके भारतीयों को मार रहै थे।क्या इस तथ्य के बाद भी यह सोचने समझने का विचार इन महानुभावो के जहन मे नही आता कि कोई कितना भी वेवकूफ हिन्दु क्यों नही होता वह किसी भी सूरत में अलग होने का एसा मौका क्यों कर गंवाता।और भारत को हिन्दु राष्ट्र न बनाकर धर्म निरपेक्ष राष्ट्र बनाता।मै एक बार इन लेखक महोदयों से प्रार्थना करता हूँ कि यदि वे छदम हिन्दु नाम बाले न होकर सच में हिन्दु माँ वापों की औलाद है तो इन तथ्यों पर विचार करें।
और आशु जी सादर धन्यबाद इन जानकारियों को प्रोवाइड करने के लिए।सच में ये जानकारिया तो सब देश भक्तो की जानकारियों में आनी चाहिये।और हाँ हरीश सिंह जी की बात विल्कुल 16 आना सच है कि नहेरु तो गंगाधर नाम के एसे व्यक्ति के नाती थे जो सच में हिन्दु नही था यह वास्तव में एक अफगानी मुसलमान था जो भारत के अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के यहाँ नगर कोतवाल था यह बात नहेरु जी की वहिन विजयलक्ष्मी पण्डित ने स्वीकार ही नही की खुद लिखी भी है।औऱ इसने किसी सिक्ख संत का कत्ल किया था जिस कारण हिन्दु व सिक्ख इसे ढूढ रहे थे और इसके तुरंत बाद ही 1857 का गदर हो गया जिसके कारण सारे समाज में अस्तव्यस्तता फैली हुयी थी। जब अग्रेजों ने गदर पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया तब उन्हौने मुसलमानों को दिल्ली से बाहर कर दिया। तो ये कोतबाल सहाव चूकि बादशाह के कारिन्दे थे तो इनकी खोज होने लगी किन्तु ये सहाव अपने को कश्मीरी पण्डित बता कर बचा लाए क्योंकि अफगानी होने के कार आराम से यह छल कामयाब हो गया क्योंकि कश्मीरी ब्राह्मण व अफगानी सुन्दर तो होते ही हैं।अतः बन गया यह कश्मीरी पण्डित और नही तो कोई वताए कि नहेरु नाम का कोई कश्मीरी पण्डित दूसरा भी है क्या।जब खूव सोच विचार व खोज हो जाए तब वताना कि आसु जी या हरीश जी क्या कुछ गलत कह रहे थे या सही कह रहे थे।कृपया देशभक्त पाठक यहाँ भी नजर डालें।
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