शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

"भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" के स्थापना का उद्देश्य और नियम

  • मंच का उद्देश्य हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के साथ ब्लॉग लेखको में प्रेम, भाईचारा, आपसी सौहार्द, देश के प्रति समर्पण और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना है.. लिहाजा  अपनी पोस्ट प्रकाशित करने से पहले यह अवश्य ध्यान दे कि .....
    @ किसी भी धर्म, संप्रदाय व जाति के बारे में विवादित बातों से परहेज़ करे अर्थात धार्मिक लेख लिखे जा सकते है पर बिना किसी दूसरे धर्म को नीचा दिखाए. यह हमेशा ध्यान रखें ईश्वर एक है पूजा पद्धतिया अलग-अलग हो सकती हैं. यह हमेशा ध्यान रखें किसी की भी धार्मिक भावनाएं कदापि आहत न हो.
    @ एक महिला माँ,बहन व बेटी भी होती है, लिहाजा महिलाओ का सा सम्मान करे. अशोभनीय व अश्लील लेख व फोटो कदापि प्रकाशित न करें.

  • ध्यान दे.. पोस्ट कविता, ग़ज़ल, सामाजिक, राजनैतिक, संस्मरण, धार्मिक, उद्देश्य परक व समाज की कुरीतियों को उजागर करने वाले, मनोरंजक व सामाजिक हित में हों ताकि इस मंच कि सार्थकता बनी रहे. 
  • एक लेखक एक सप्ताह में सिर्फ एक  पोस्ट ही प्रकाशित कर सकता है, एक दिन में सिर्फ तीन पोस्ट प्रकाशित की जाएगी. यह नियम सभी को पालन करना अनिवार्य है. { धारावाहिक लेख या प्रतियोगिता पर यह नियम लागू नहीं है. पर ध्यान दें जब एक लेखक धारवाहिक लिख रहा होगा उस दौरान दूसरा लेखक धारावाहिक नहीं शुरू करेगा}  
     @ एक ही पोस्ट को यदि एक से ज्यादा ब्लोगों में लिखा जाए तो उस लेख की महत्ता कम हो जाती है, सर्च इंजन उस लेख को सर्च में नहीं दिखाते, ब्लॉग एग्रीगेटर इस तरह के ब्लोगों पर पाबंदी लगा देते हैं, लिहाजा यह ध्यान दे की जो लेख आप इस मंच पर प्रकाशित करें उसे दूसरी जगह प्रकाशित न करें. लोग अच्छा पढ़ना चाहते हैं यदि आपकी लेखनी में दम होगा तो आपके ब्लॉग पर भी आपकी रचनाओं को पढ़ने वाले आयेंगे, नहीं होगा तो कितनी जगह भी लिखिए कोई फायदा नहीं..
  • सभी लेखक अपने लेखों को लिखने के पश्चात्  सही टैग/लेबल जैसे { जीवन शैली - समाज, रिश्ते, आध्यात्मिक, व्यक्ति, खान-पान, पार्टी, फैशन, सुंदरता, स्वास्थ्य, चर्चा, त्यौहार
    मनोरंजन - हॉलीवुड, टेलीविजन, फिल्म समीक्षा, फ़िल्मी गीत, रंगमंच, गीत, गजल, शायरी, कविता, कहानी, कार्टून, हास्य, पहेली } उस पोस्ट के साथ जोडीये, व्याकरण के अनुसार उसको शुद्ध कीजिये, उसके बाद उसको प्रदर्शित कीजिये.. 
    @ अगली बात है रंग तथा फॉण्ट के आकार की, एक  नियम यह होना चाहिए कि लोग सिर्फ और सिर्फ अपने लेख लिखें, फॉण्ट के रंग तथा आकार के साथ खेलें नहीं, सभी लेखों में एक रूपता होनी चाहिए, उसी से शोभा बढती है और आँखों को आनंद आता है
  • जरा सोचिये लेखों के शीर्षक में लेखक अपना  नाम लिख देते हैं. नाम तो पोस्ट में रहता ही है फिर शीर्षक में क्यूँ?{ लेखक स्वयं सोचे जहा उचित हो वही नाम का प्रयोग करें.} आपकी पहचान आपके नाम से नहीं आप द्वारा लिखी गयी पोस्ट से है.
  • लेखों में लेखक अपनी फोटो लगा देता है, क्यूँ? रचना से संबधित फोटो ठीक है पर एक पाठक लेख पढ़ने आया है, फोटो का वो क्या करेगा? जगह-जगह अपनी फोटो लगाना, अपना नाम लिखना सिर्फ नाम की भूख के लिए ही किया जाता है, {लेखक इस बात पर मनन करें}
  • जो लेखक नियम को तोड़ता है उसको २ हिदायतों के बाद मंच से निकाल दिया जायेगा , जिससे अन्य लेखकों को जोड़े जाने का अवसर मिले, जो लेखक लगातर ६ महीने कोई नई पोस्ट नहीं लिखते, उनको हटा कर नये लेखकों को मौका दिया जायेगा |
यह मंच मेरी निजी संम्पत्ति नहीं है, इस पर आप सभी लेखको का बराबर हक़ है लिहाजा यह  मंच बेहतर कैसे बने यह सोचना सभी का दायित्व है. इसे एक उद्देश्यपरक मंच बनाना है या कूड़ाघर आप सभी को विचार करना होगा. 
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 आप सभी ब्लोगरो की सुविधा एवं जानकारी देने के लिए योगेन्द्र पाल को तकनीकी सहायक बनाया गया है. लिहाजा ब्लॉग से सम्बंधित आप सभी के लिए विशेष सुविधा देने के लिए
  यदि आपको तकनीकी से सम्बंधित कोई प्रश्न पूछना हो, किसी भी तकनीकी से सम्बंधित प्रश्न तो अपना पूरा प्रश्न आप   इस फॉर्म को भर कर पूछे वे आपकी सभी समस्याओं का हल करेंगे  वह भी वीडियो के द्वारा, जी हाँ वे आपके समस्या का समाधान करने के लिए एक वीडियो बनायेंगे  जो आपके नाम तथा फोटो के साथ उनके  यू-ट्यूब चैनल पर प्रदर्शित किया जायेगा | जो ना सिर्फ आपके लिए फायदेमंद रहेगा बल्कि अन्य ब्लोगरों को भी इससे फायदा होगा |
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हमें उम्मीद ही नहीं वरन विश्वास हैकि आप सभी "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" के नियमो का पालन अवश्य करेंगे.. यदि ऐसा हुआ तो निश्चित रूप से इस मंच पर पाठको की संख्या बढ़ेगी ..  धन्यवाद सहित ..
आपका --- हरीश सिंह 
संस्थापक/ संयोजक -- भारतीय ब्लॉग लेखक मंच    

30 टिप्पणियाँ:

Rajesh R. Singh ने कहा…

Yes ! I am with you

वीना ने कहा…

बिल्कुल ठीक कहा....सहमत हूं...

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut majboot aahwan kiya hai.poorntaya sahmat..

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

हम भी आपके साथ हैं भेजिए आमंत्रण
eshvani@gmail.com

Atul Shrivastava ने कहा…

मुझे आमंत्रित करने के लिए आपका धन्‍यवाद।

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद---बिल्कुल ठीक कहा...सहमति...

शिव शंकर ने कहा…

बिल्कुल ठीक कहा....सहमत हूं...

र. कुमार ने कहा…

हरीश सिंह जी,
ब्लाग मे अपनी रूचि दिखाने के लिए आपका धन्यवाद,
इस ब्लॉग के माध्यम से मेरा उद्धेश्य है कि कुछ प्रगतिशील लोगों को खोजा जाए जो पुरे समाज में मचे संपत्ति के भेड़िया दसान को समझते हों और इसके कारण कि ख़ोज कर रहे हों, कि अनेक लोगों को हर दिन दो वक़्त कि रोटी के लिए संघर्ष क्युएँ करना पड़ता है जबकि विज्ञान और उध्योगों कि कोई कमिं नहीं हैं, अनेकों टन अनाज गोदामों में साड़ रहा है, आदि, आदि..
इस ब्लॉग के माध्यम से मेरा मकसद लेखन करना नहीं है और न सिर्फ बातें करके मन के सुकून देना हीं . . .
और यदि आप कुछ आगे के लिए सुझाव या कोई राय देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है, हमारे साथ प्रगति के दराबाजों को खोलनें के लिए और समाज कि ज़मीन को साफ़ करके मानव सभ्यता के विकाश कि राहे बनानें के लिए ।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

very very thanks !
I AGREE WITH YOU .

sandhya ने कहा…

अच्छा प्रयास.. मुझे अपने ब्लॉग के बारे में जानकारी देने एवं मेरे ब्लॉग के साथ जुड़ने के लिए आपका धन्‍यवाद......

योगेन्द्र पाल ने कहा…

@हरीश जी:

पहले तो मैं माफी चाहूँगा क्यूंकि मुझे यह लगा था कि आप मेरे द्वारा बताये गए सख्त नियमों को लागू नहीं करेंगे|

अब क्यूंकि आपने नियम बना दिए हैं तो इनका पालन करना तथा करवाना अत्यंत आवश्यक है,

कुछ नियम और जोड़ दीजिए -

लेखक सिर्फ लेख लिखेंगे पर प्रकाशित नहीं करेंगे, प्रकाशित करने की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति को सौंपी जानी चाहिए| जिसका कार्य उन लेखों में से व्याकरण की त्रुटियाँ निकालना, अन्य ब्लोगों के लिए लिंक बनाना (यह बहुत ही आवश्यक है), तथा पोस्टों को नियत समय पर प्रकाशित करना होना चाहिए, उनके कार्य मैं विस्तार पूर्वक उनको समझा दूंगा|

२. आपने पूरे दिन में मात्र ३ पोस्ट प्रकाशित करने का निर्णय लेकर बहुत ही बेहतरीन कार्य किया है| उनके समय सुबह ७ बजे, १२ बजे तथा शाम ५ बजे होने चाहिए| यदि अन्य कोई लेख बाकी है जैसा कि आपने कहा प्रतियोगिता इत्यादि का तो उसका समय रात ९ बजे रखा जाना चाहिए|

३. यदि वाकई कोई व्यक्ति किसी लेख को खास "BBLM" के लिए लिख रहा है तो यह कार्य वाकई सराहनीय है|

४. हर माह BBLM के सर्वश्रेष्ठ ब्लोगर की घोषणा होनी चाहिए| क्यूंकि यदि वाकई कोई व्यक्ति मेहनत कर रहा है तो उसका मनोबल बढ़ाना हमारा कर्तव्य होना चाहिए|

५. हर सप्ताह BBLM की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रकाशित होनी चाहिए, जिसमें इस सप्ताह जोड़े गए ब्लोगरों के नाम की घोषणा होनी चाहिए, जिन ब्लोगरों ने नियम तोड़े हैं उनके लिए हिदायत प्रकाशित होनी चाहिए, जिससे बाकी लोगों को भी पता चले कि सही तरह से किसी को निकाला गया है और किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न ना हो|

अब मुझे BBLM की सफलता पर कोई संदेह नहीं, यदि कोई 2 सदस्य ऊपर बताई गयी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं तो अवश्य बताएं, जिससे मैं उनको कार्य करने की तकनीकी जानकारी दे सकूं|

आशुतोष ने कहा…

Harish Bhai

1 एक ही पोस्ट को यदि एक से ज्यादा ब्लोगों में लिखा जाए तो उस लेख की महत्ता कम हो जाती है, सर्च इंजन उस लेख को सर्च में नहीं दिखाते, ब्लॉग एग्रीगेटर इस तरह के ब्लोगों पर पाबंदी लगा देते हैं, लिहाजा यह ध्यान दे की जो लेख आप इस मंच पर प्रकाशित करें उसे दूसरी जगह प्रकाशित न करें. लोग अच्छा पढ़ना चाहते हैं यदि आपकी लेखनी में दम होगा तो आपके ब्लॉग पर भी आपकी रचनाओं को पढ़ने वाले आयेंगे, नहीं होगा तो कितनी जगह भी लिखिए कोई फायदा नहीं..

Iska maen dhyan rakhunga..maen ek hi post kai blog par laga deta hun..

2 किसी भी धर्म, संप्रदाय व जाति के बारे में विवादित बातों से परहेज़ करे अर्थात धार्मिक लेख लिखे जा सकते है पर बिना किसी दूसरे धर्म को नीचा दिखाए. यह हमेशा ध्यान रखें ईश्वर एक है पूजा पद्धतिया अलग-अलग हो सकती हैं. यह हमेशा ध्यान रखें किसी की भी धार्मिक भावनाएं कदापि आहत न हो.
maaen bharat men mugal kal par ek reserch kar rahan hun aur ek lekh likh raha hun kripya batayen un atyacharo ko aap ke blog par likh sakta hun ya nahi...ye vastvikta hai...maen apne pas sae nahi jodunga purane mugal itihaskaron ke sandarbh sae hi likh raha hun...

राजीव थेपड़ा ने कहा…

apan bhi sahamat hain is baat/in baaton se...kyunki kuchh baaten apan ke samajh men aayin hai in baaton se....!!!

हरीश सिंह ने कहा…

योगेन्द्र जी मैं पहले कह चुका हूँ. की मुझे इस मंच को सफल देखना है और वह भी विवादों से परे. यदि मंच के हित में आपके ही नहीं बल्कि किसी के भी सुझाव होते तो मैं गौर जरूर करता. मैं पहले भी कहा था की पद उसी को जो गरिमा को समझे. आपके कथन नुसार इस मंच को एक संपादक की जरूरत है. यह कार्य करने के लिए हमारे पास समय नहीं निकाल पायेगा. संपादक के लिए हम तीन पद की स्वीकृति देते हैं. एक प्रधान संपादक और दो सहायक संपादक जो प्रूफ रीडिंग और प्रकाशन कर सके. जो इस पद की जिम्मेदारी संभाल सके वह पद ग्रहण कर सकता है.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ हरीश जी ! आपने नियम बनाए और बहुत ही अच्छे नियम बनाए हैं लेकिन
कुछ नियम इस मंच के लिए अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसे हैं। आने वाला समय आपको खुद बताएगा और आप उन्हें खुद ही वापस ले लेंगे।
इसलिए मैं क्या बताऊँ ?

आलोकिता ने कहा…

Bahut achchi tarah se padh bhi liya aur samajh bhi liya main saare niyam follow karungi isse pahle jo bhi rachna main apne blog par likhti thi wahi is par bhi post kiya ab aage se koshish karungi ki aisa repetation na ho aur karungi bhi to yanhaa post karne ke kuch din baad apne blog par post karungi kyunki mera blog meri sari creation ka collection hai :)

Harish singh, Mithilesh dubey ने कहा…

अनवर भाई, किसी भी संगठन का उद्देश्य और नियम होना जरुरी होता है. आप ने कहा की कुछ नियम पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसे हैं. आप भी इस परिवार के एक जिम्मेदार सदस्य हैं. आपको चाहिए था की आप उचित राय देते. यदि किसी भी परिवार में एक मर्यादा या नियम न हो तो सभी सदस्य मनमानी करते हैं और संगठन विवादित हो जाता है. मैं सभी सदस्यों से राय भी मांगी है. यदि इस नियम से किसी को एतराज़ है तो वह खुलकर बोल सकता है. मंच द्वारा बनाये गए नियम सभी ब्लोगरो के हित में है.
आलोकिता जी, सभी लेखक चाहते हैं की उनकी रचना निजी ब्लॉग पर भी रहे, ऐसी परिस्थियों में शीर्षक का नाम बदल देना चाहिए वह लेखक के भी हित में होता है.
आप सभी के सुझाव आमंत्रित हैं. मंच के हित में संशोधन हो सकते हैं पर वापस लेना संभव नहीं. फिर भी सभी की राय का स्वागत है. मंच को सफल बनाये रखने की जिम्मेदारी सभी की है.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ हरीश जी ! आपने यह नियम बनाया है कि एक लेखक एक सप्ताह में केवल एक लेख ही पोस्ट कर सकता है और कोई दूसरा लेखक तब तक अपना धारावाहि शुरू नहीं कर सकता जब तक कि पहले का ख़त्म न हो जाए।
यह नियम बेवजह है।
आपका ब्लॉग एक चैनल की तरह है। जब एक टी. वी. चैनल एक लेखक के धारावाहिक के साथ अन्य दसियों लेखकों के धारावाहिक भी दिखा सकता है तो फिर आपको क्या आपत्ति है ?
अगर एक लेखक का धारावाहिक 6 माह में ख़त्म हुआ तो क्या तब तक दूसरे बैठे ही रहेंगे ?
यही हाल सप्ताह में एक लेख की पाबंदी लगाने की है।
हमारे आदरणीय डा. श्याम गुप्ता जी प्रतिभा के भी धनी हैं और समय भी निकाल लेते हैं तो वे जल्दी जल्दी रचनाएं तैयार कर लेते हैं। अगर किसी में प्रतिभा है और वह अपने शौक़ के लिए दूसरे कामों को पीछे धकेल कर वक्त भी निकाल लेता है तो इसमें उसका क्या कुसूर है ?
अगर वह रोज़ लिख सकता है तो वह क्यों न रोज़ लिखे ?
इस तरह के नियम रचनाकारों की रचनाधर्मिता को प्रभावित करते हैं।
अलबत्ता यह सही है कि एक लेख को एक ही दिन में बहुत सी जगहों पर पेश न किया जाए।
दूसरे नियम भी ठीक हैं। उनसे गुणवत्ता बेहतर होगी।
लेकिन यह कोई बात नहीं है कि एक दिन में मात्र 3 लेख ही दिखाए जाएंगे।
भाई कभी 6 भी आ सकते हैं और कभी ऐसा भी होगा कि पूरे दिन में आपको 1 ही लेख मिलेगा।
यह सब लेखकों के हालात पर निर्भर है। इसे उन पर ही छोड़ दिया जाए तो बेहतर है।
मैं ऐसा समझता हूं इस ब्लॉग के हित में। बाक़ी आप बेहतर जानते हैं।

सलीम ख़ान ने कहा…

badhiya hai !

सलीम ख़ान ने कहा…

Yogendra jee AIBA aur LBA ke liye shighr hi aisa hi kuchh lagoo kiya jayega jaisa ki aapne mujhe kaha tha !

गंगाधर ने कहा…

स्वागत .

Shahvez Malik ने कहा…

Sahi kaha, Anwer Bhai aapne......

Gaurtalab ने कहा…

ब्लॉग की दुनिया में अभी हम नए हैं, आपके सहयोग और शुभ कामनाओ से कुछ बेहतर कर पाने की चाहत है. आपके मूल्यवान, उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए कोटिशः धन्यवाद् !

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

आपके सभी नियम व शर्तें उचित है.मगर मेरे विचार में एक नियम कहे या शर्त-BBLM(भारतीय ब्लॉग लेखक मंच)के सभी लेखकों अपनी पोस्ट हिंदी में लिखनी होगी.लेकिन कहीं-कहीं पर कुछ शब्द अंग्रेजी में लिख सकते हैं.मगर व्रेकेट में उसका हिंदी में अर्थ जरुर दें.इसके अलावा अंग्रेजी के कुछ ऐसे शब्द जो हिंदी में घुल-मिल चुके हैं. उनको प्रयोग कर सकते हैं.जैसे-ऑफिस, कार्यालय(जिसका अर्थ "दफ्तर" होता है)आदि.

श्री योगेन्द्र पाल के सभी नियम भी लागू होने चाहिए.मगर निम्नलिखित नियम नं.२ पोस्ट को समयसीमा में बांधना उचित नहीं है,क्योंकि हर लेखक उसी समय पर पोस्ट करें.संभव नहीं है.

२. आपने पूरे दिन में मात्र ३ पोस्ट प्रकाशित करने का निर्णय लेकर बहुत ही बेहतरीन कार्य किया है| उनके समय सुबह ७ बजे,१२ बजे तथा शाम ५ बजे होने चाहिए|यदि अन्य कोई लेख बाकी है जैसा कि आपने कहा प्रतियोगिता इत्यादि का तो उसका समय रात ९ बजे रखा जाना चाहिए|

DR. ANWER JAMAL के निम्नलिखित विचार मानने योग्य है.हर व्यक्ति में अलग-अलग प्रतिभा होती है.

हमारे आदरणीय डा. श्याम गुप्ता जी प्रतिभा के भी धनी हैं और समय भी निकाल लेते हैं तो वे जल्दी जल्दी रचनाएं तैयार कर लेते हैं। अगर किसी में प्रतिभा है और वह अपने शौक़ के लिए दूसरे कामों को पीछे धकेल कर वक्त भी निकाल लेता है तो इसमें उसका क्या कुसूर है? अगर वह रोज़ लिख सकता है तो वह क्यों न रोज़ लिखे? एक दिन में मात्र 3 लेख ही दिखाए जाएंगे। भाई कभी 6 भी आ सकते हैं और कभी ऐसा भी होगा कि पूरे दिन में आपको 1 ही लेख मिलेगा। यह सब लेखकों के हालात पर निर्भर है। इसे उन पर ही छोड़ दिया जाए तो बेहतर है।

बेनामी ने कहा…

स्वागत .

बेनामी ने कहा…

स्वागत .

बेनामी ने कहा…

स्वागत .

बेनामी ने कहा…

स्वागत .

Ankit.....................the real scholar ने कहा…

kitane kathin niyam

sunita ने कहा…

sir,aapka prayas sarahniya hai aapki is vicharo ki vaitarni ganga se agar kuch shabda amrit me bhi le saku yahi ichccha hai.thanyawad

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