बुधवार, 8 जून 2011

चार ठग ने मिलकर एक ठग को ठगा !

चार जून को रामदेव यादव उर्फ़ स्वामी रामदेव उर्फ़ बाबा रामदेव उर्फ़ योगगुरु उर्फ़ दवा बेचने वाले बाबा ने जब रामलीला मैदान में अपने समर्थकों (जिसमें महिला और बच्चे ज्यादा थे) के ज़रिये केंद्र सरकार को हिला देने का पूरा मन्सूबा बना लिया था क्यूंकि इसी सरकार के कई मंत्री भ्रष्टाचार के सर्वोच्च स्कोर बटोरने में वर्ल्ड रिकार्ड बना रहे थे और जनता बेचारी कुछ नहीं कर पा रही थी. यही वजह थी कि बाबा रामदेव यादव ने अन्ना हजारे की अचानक अंधे के हाथ बटेर लगने वाली भ्रष्टाचार के खिलाफ़ की लडाई में अपनी ग़लत बयानी के चलते अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे थे वहीँ उन्हें राजनैतिक कीड़ा इस क़दर काट चुका था कि उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री पद पर अपने आपको देखने का ख्वाब भी बुन लिया था यही वजह थी कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद के के लिए जनता के समक्ष प्रत्यक्ष चुनाव करने की मांग भी कर डाली थी. अपने चैनल के ज़रिये उन्होंने अपना मन्सूबा बहुत पहले ही बता दिया था कि वे चाहते हैं देश के हर जिले में उनके साढ़े सात लाख योग शिष्य हों. अब आप ही सोचिये जिनके हर जिले में साढ़े साथ लाख शिष्य हों वह अगर चुनाव में खड़ा होता है तो यकीनन जीत ही जायेगा... बस इसी मनसूबे के चलते उन्होंने एक योग गुरु से दवा बेचने वाले और फिर नेता बनाने की ठान ली और मुहं की खा ली.

उन्होंने रामलीला जनता को गुमराह किया, सरकार को ब्लेकमेल भी किया और वादाखिलाफी भी की. क्या उन्हें  ऐसा करना चाहिए...!???

औरत के वेश में तो रानीलक्ष्मी बाई भी भागना नहीं चाहती...... तो फिर बाबा ....................!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!???????????

7 टिप्पणियाँ:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

यह आपकी राय है!
जरूरी नहीं कि आपके मत से सभी सहमत हो!

Dr. shyam gupta ने कहा…

शाहरुख खान , सलमान खान, अनवर जमाल अब सलीम...सभी मुसलमां ही क्यों बाबा के विरुद्ध बोल रहे हैं ...क्या एक भी उनके पक्ष में नहीं ...क्या यह एकांगी सोच नहीं ...क्या जबाव..???????????

kunwarji's ने कहा…

...???

kunwar ji.

Swarajya karun ने कहा…

खान साहब ! कृपया बताएं कि पुणे के तथा कथित घोड़ा व्यापारी हसन अली के बारे में आपके क्या विचार हैं ,जिसने भारत की जनता के पसीने की कमाई को लूट कर स्विस -बैंक में अरबों-खरबों रूपए जमा कर लिए हैं ? बाबा रामदेव जैसे महान विचारक,संत और कर्म-योगी पर पर कीचड उछालने में अपनी ऊर्जा नष्ट करने के बजाए अगर आप कॉमनवेल्थ घोटाले और टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाले सहित तमाम घोटालों के खलनायकों की करतूतों पर कालिख पोत सकते तो बेहतर होता . कसाब की मेजबानी में लगे सज्जनों (? ) के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ?

Dr.sunil kumar ने कहा…

सलीम खान जी रानी लक्ष्मी भाई के वीसय में तो कह दिया महाराणा प्रताप के बारे में क्या ख्याल है आप लोग यही चाहते है क्या की अपने आप को पकड़वा देते और मरवा देते अपने आप को ...हाँ अपने आप को पकड़वाते तब जब ये कारवाही दिन में हुई होती रात में सोते हुए नहीं ऐसी कार्यवाही तो ........आप खुद समझ सकते है धन्यबाद!

आशुतोष की कलम ने कहा…

mujhe lagta hai humen aisi wahiyat post par comment kar ke samay nahi barbad karna chahiye

आशुतोष की कलम ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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