बुधवार, 2 मार्च 2011

महाशिवरात्रि पर भोले-वन्दना ...डा श्याम गुप्त ...

  महाशिवरात्रि पर भोले-वन्दना

आदि-शंभु-अपरा संयोग से,
महत्तत्व जब हुआ उपस्थित;
व्यक्त रूप जो उस निसंग का |
लिंग-रूप बन तुम्हीं महेश्वर,
करते मैथुनि-सृष्टि अनूप;
करूँ वन्दना, पुष्पार्पण कर ||

16 टिप्पणियाँ:

Minakshi Pant ने कहा…

महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

Dr. shyam gupta ने कहा…

आपको भी मीनाक्षी जी....

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

mahashivratri ki bahut saari shubkamnayen...sare sadasyon ko..:)

चैतन्य शर्मा ने कहा…

आपको महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें....सादर

हरीश सिंह ने कहा…

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें.

Arunesh c dave ने कहा…

शिवरात्री पर सुंदर कविता के लिये धन्यवाद

saurabh dubey ने कहा…

महशिवरात्रि की पवन पर्व पर आपको हार्दिक शुभकामनाये

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.

saty bolna paap hai ने कहा…

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामना

Mithilesh dubey ने कहा…

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामना

शिखा कौशिक ने कहा…

आपको भी महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें .

Dr. shyam gupta ने कहा…

सभी का आभार...

Udan Tashtari ने कहा…

आपको एवं आपके समस्त परिवार जनों को
महा शिवरात्री की हार्दिक शुभकामनायें

Dr. shyam gupta ने कहा…

हमारे दर वे उतरे, आभार उनका।
वे जब उतरें जब उडें,एहतिराम उनका॥

उडन तस्तरी जी, धन्यवाद....आभार तो भोले-भंडारी का ही है...

rubi sinha ने कहा…

डॉ. साहब आप तो महाभारत में संजय और कृष्ण दोनों है. आपका नाम भी श्याम है. , मुझे जीता दीजियेगा प्लीज़.

महशिवरात्रि की शुभकामना.

Dr. shyam gupta ने कहा…

जो भोले भन्डारी की इच्छा....

Add to Google Reader or Homepage

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | cna certification