शुक्रवार, 4 मार्च 2011

आप भी इसी तरह अपनी अपनी पोस्ट्स का खुलकर यहाँ प्रचार कर सकते हैं. Ad. sense

अब मैंने हमारी वाणी के बोर्ड पर नज़र डाली तो ३१ विजिटर्स दिखाते हुए सबसे ऊपर दो ब्लाग्स कि पोस्ट्स नज़र आ रही हैं.
१- कुछ अच्छे  ब्लाग्स , मेरी नज़र से - ब्लाग सूची
२- अपनी तारीफ़ सुनना सभी को अच्छा लगता है
जिन साहिबान के ब्लाग्स की ये दो पोस्ट्स हैं वे सामने आकर बताएं कि उनके ब्लाग्स के पते क्या हैं ?
अभी ब्लाग जगत के पहले समाचार पत्र  कि शुरुआत है . कुछ हाथ उनको भी तो बंटाना चाहिए जिनके ब्लाग का यहाँ प्रचार हो रहा है .
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/03/century.html
इसी के साथ मैं चाहता हूँ कि हमारी वाणी के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाली दस पोस्ट्स की जानकारी रोजाना दी जाये . जो इस ज़िम्मेदारी  को निभा सके वह सामने आये और पहली बार कुछ अद्भुत करने का गौरव पाए जिसे कि सारा ब्लाग जगत देखेगा .
आप भी इसी तरह अपनी अपनी पोस्ट्स का खुलकर यहाँ प्रचार कर सकते हैं.
कृपया यहाँ कविता और लेख की चंद लाइनें देकर उनका लिंक दे दिया कीजिये ताकि पाठक उन्हें आपके या सम्बंधित ब्लागर्स के ब्लाग पर ही  जाकर पढ़े . इस तरह हम हिन्दी ब्लागर्स की कुछ भी सेवा कर सके तो हम कामयाब माने जायेंगे .
आइये अपना हाथ बढिए .
जो लोग सदस्य बन चुके हैं वे तुरंत अपनी सेवाएँ देना शुरू कर दें.
ऐसी हमारी विनती है .
आजकल शतक का टाइम चल रहा है .
'हिंदी ब्लागर्स फोरम इंटरनेश्नल' का शतक पूरा हो चूका है और उसमें १०३ पोस्ट्स नज़र आ रही हैं .
एकता में शक्ति   के कारण ही हिंदी ब्लागर्स ने इतने कम समय में ऐसा प्रशंसनीय काम कर दिखाया है , सचमुच काबिले मुबारकबाद है पूरा समूह.

इस जैसी कोई दूसरी फोरम हिंदी ब्लाग जगत में नहीं है जहाँ कि वे लोग भी मेंबर बने  हुए हैं जो कि इस फोरम के संस्थापक के नज़रिए का घोर विरोध करते हैं .
अभिव्यक्ति कि आजादी कि रक्षा का ऐसा बेनज़ीर उदाहरण कम ही मिलता है . ब्लागिंग में अपनी कहो और फिर दुसरे की सुनो . दूसरा आपकी माने या न माने लेकिन आप अपनी ग़लत बात ज़रूर छोड़ दें अगर आपकी आत्मा जान ले कि हाँ यह बात ग़लत है. फिर इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि आपको ग़लती  कि सूचना देने वाला आपका मित्र है या विरोधी ?
अगर आप का पैर अंधेरे में किसी में होल में पड़ने वाला है तो आपको इसकी सूचना जो भी देता है , इस पर ध्यान देने में ही भलाई है .
सही बात कोई भी बताये उसे मान लेना चाहिए .
इस फोरम पर फिलहाल एक साथ कई मुद्दों पर बात चल रही है . आप भी देखें कि किस की बात सही है ?
http://hbfint.blogspot.com/2011/03/blog-post_3139.html 

8 टिप्पणियाँ:

हरीश सिंह ने कहा…

swagat

किलर झपाटा ने कहा…

डू यू नो रक्तबीज,
डॉक्टर जमाल?
आय एम दैट ओनली फ़ॉर यू।
एण्ड एज़ यू डोण्ट बिलीव गॉडेस दुर्गा-काली,
सो देअर इस नो एस्केप फ़ार यू।
हाऊ डू यू डू ?

हा हा।

किलर झपाटा ने कहा…

डू यू नो रक्तबीज,
डॉक्टर जमाल?
आय एम दैट ओनली फ़ॉर यू।
एण्ड एज़ यू डोण्ट बिलीव गॉडेस दुर्गा-काली,
सो देअर इस नो एस्केप फ़ार यू।
हाऊ डू यू डू ?

हा हा।

किलर झपाटा ने कहा…

डू यू नो रक्तबीज,
डॉक्टर जमाल?
आय एम दैट ओनली फ़ॉर यू।
एण्ड एज़ यू डोण्ट बिलीव गॉडेस दुर्गा-काली,
सो देअर इस नो एस्केप फ़ार यू।
हाऊ डू यू डू ?

हा हा।

किलर झपाटा ने कहा…

डू यू नो रक्तबीज,
डॉक्टर जमाल?
आय एम दैट ओनली फ़ॉर यू।
एण्ड एज़ यू डोण्ट बिलीव गॉडेस दुर्गा-काली,
सो देअर इस नो एस्केप फ़ार यू।
हाऊ डू यू डू ?

हा हा।

rubi sinha ने कहा…

'हिंदी ब्लागर्स फोरम इंटरनेश्नल'पर जब भी गयी, वहा पर कट्टरता दिखी, शिव जी के बारे में आपने बहुत गलत लिखा था.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ हरीश जी ! आपके स्वागत हेतु आपका शुक्रिया।

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ माननीया रूबी सिन्हा जी ! HBFI हिंदी विचारकों का एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है। वह एक ज्ञानसागर की तरह जहाँ दैवीय और आसुरी शक्तियाँ गहन मंथन कर रही हैं । आपको अपना रोल अदा करते हुए वहाँ अपना प्रतिरोध दर्ज कराना चाहिए था । मैं खुद शिव जी के लिए आदर भाव रखता हूं । आप मुझे उस लेख का लिंक दीजिए अगर वह झूठा और गलत होगा तो मैं उसे HBFI से हटा दूँगा ।
क्या आप HBFI या प्यारी माँ ब्लाग की सदस्या बनना पसंद करेंगी ?

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