शनिवार, 4 फ़रवरी 2012

उच्चारण: "जन्मदिन है आज मेरा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

उच्चारण: "जन्मदिन है आज मेरा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

उम्र कम होने की हो क्यों फ़िक्र यारा,
एक दिन का और अनुभव जुड गया।
कौन लम्बी उम्र पाकर जी गया,
चार दिन सत्कर्म के ही उम्र यारा ॥

6 टिप्पणियाँ:

शिखा कौशिक ने कहा…

shastri ji ko janmdindin ki hardik shubhkamnayen .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आभार सर!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

veerubhai ने कहा…

बहुत सुन्दर .

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

Roopchandra ji ko janmdin kee badhai aur mangalkaamnaayen.

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद शास्त्री जी....जन्म दिन की बधाई...

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