सोमवार, 14 मार्च 2011

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा .....


अपने समय की 'मीना कुमारी ' के नाम से प्रसिद्ध मनीषा कोइराला एक लम्बे अरसे बाद परदे पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली है . प्रयोगधर्मी डायरेक्टर ओनिर की 22 अप्रेल को रिलीज होने वाली फिल्म 'आई ऍम ' में दो अभिनेत्रिया , जूही चावला , व मनीषा कोइराला लम्बे अवकाश के बाद फिल्मो में वापसी के लिए कोशिश करेगी . उगते सूरज को नमन करने वाले और उतरते को उपेक्षित करने वाले इस उद्योग की निर्ममता का शिकार हरेक एक्टर को होना पड़ा है . बावजूद इसके - बोलीवूड को जाने वाले देश के हरेक रास्ते पर हमेशा रेलम - पेल मची रहती है .
69 फिल्म पुरानी मनीषा, फिलहाल नेपाल के उद्योगपति 'सम्राट दहल ' से शादी कर आराम की जिन्दगी बसर कर रही है . परन्तु फिल्मो से चाह कर भी दूर नहीं हो पा रही है . और हो भी केसे ? मनीषा जब भी अपने दो दशक पुराने फ़िल्मी सफ़र पर नजर डालती है उन्हें अपनी सफल फिल्मो की कतार बेचेन कर डालती है . आर्क लाईट का यह आकर्षण एक्टर को ढंग से सोने भी नहीं देता है. दर्शक फिल्मो को नकार - नकार कहता है की भाई अब हम आपको नही देखना चाहते है . परन्तु एक्टर का दिल नहीं मानता . सबसे बढिया उदाहरण गोविंदा है . अपने करियर की ढलान पर खड़े गोविंदा आज स्वयं अपना ही केरीकेचर बन गए है .
बात हो रही थी मनीषा कोइराला की !! इस लाजवाब सुन्दरी ने अपने फ़िल्मी सफ़र को तीन फिल्म फेयर और तीन अन्य पुरुस्कारों से संवारा है . संजय लीला भंसाली के निर्देशकीय करियर की पहली फिल्म ' ख़ामोशी ' भले ही बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई थी परन्तु मनीषा के बेजोड़ अभिनय के लिए हमेशा याद की जायेगी . ' अकेले -हम अकेले -तुम ' और इन्द्र कुमार की' मन' ने दर्शको को बाल्टी भर आंसू बहाने के लिए मजबूर किया था.
विधु विनोद चोपड़ा की स्वतंत्रता संग्राम की प्रष्टभूमि पर लिखी काल्पनिक कहानी ' 1942 ए लव स्टोरी ' विधु विनोद चोपड़ा और मनीषा दोनों के करियर में महत्व पूर्ण स्थान रखती है. इस फिल्म के लिए भी मनीषा को फिल्म फेयर अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था . इस फिल्म के लिए जावेद अख्तर का लिखा गीत ' एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा ..' आज बीस साल बाद भी पुराना नहीं लगता है .
सफलता की झोंक में हर सितारा लडखडाता है . शीर्ष पर मनीषा ने भी अपने करियर को कुछ लापरवाहियों और कुछ अपनी आदतों से तबाह किया . शादी शुदा नाना पाटेकर से रोमांस ,सन 2001 में आस्ट्रेलियाई राजदूत से रिश्तो की अफवाह, अमरीकी सीनेट के स्पीकर क्रिस्टोफर डोरिस से जुड़ने की अटकले , खुले आम सिगरेट और शराब के सेवन ने मनीषा की मासूम शक्ल से मिली सहानुभति को धो कर रख दिया था .
इसके अलावा फिल्म निर्माण में अमरीका से किया डिप्लोमा और उस अधूरे ज्ञान से फिल्म प्रोडूस करने का निर्णय भी आर्थिक रूप से भारी पड़ा था . ओनिर की फिल्म' आइ एम् ' के अलावा मनीषा की एक और फिल्म प्रदर्शित होने वाली है . दीप्ती नवल निर्देशित '' दो पेसे की धुप चार आने की बारिश '' फिल्म का प्रदर्शन उपयुक्त डिस्ट्री बयूटर न मिलने के कारण अटका हुआ है .
लगे हाथ ---मनीषा ने अपने पति सम्राट दहल को फेसबुक के माध्यम से खोजा था

2 टिप्पणियाँ:

हरीश सिंह ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति

Mithilesh dubey ने कहा…

शुभकामनाएं ।

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