बुधवार, 4 अप्रैल 2012

अंदाज ए मेरा: घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो, यूँ कर लें......

अंदाज ए मेरा: घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो, यूँ कर लें......: दस  साल का अनिकत पुलिस की वरदी में आज बरबस ही निदा फाजली साहब के गजल की चंद पंक्तियां जेहन में आ गईं। पंक्तियां थीं,  ‘’घर से मस्जिद है...

1 टिप्पणियाँ:

DINESH PAREEK ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।
http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_25.html
http://dineshpareek19.blogspot.in/2012/03/blog-post_12.html

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