सोमवार, 14 नवंबर 2011

तरक्की का नया नज़रिया ....पढाई आवश्यक नहीं ......डा श्याम गुप्त ..

               आखिर क्या कहना चाहते हैं हम ....इस प्रकार के आलेख रूपी  समाचार से.......क्या समझाना चाहते हैं नई पीढी को...कोमल माटी -तन- मन बच्चों को  ....क्या सन्देश देना चाहते हैं......की क्लास बंक करें , पढाई बीच में छोड़कर अन्य सब्ज-बागों  में मन लगाएं ...... नियमित -व पूरी स्कूली-कालिज की शिक्षा का कोइ लाभ नहीं है......

3 टिप्पणियाँ:

Amrita Tanmay ने कहा…

भ्रमित करने वाला सन्देश है.

शिखा कौशिक ने कहा…

aapse sahmat hun .ye sandesh nayi peedhi ko bhramit kar rahe hain .aabhar

prerna argal ने कहा…

आप की पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (१८) के मंच पर शामिल की गई है/.आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें यही कामना है /आपका
ब्लोगर्स मीट वीकली के मंच पर स्वागत है /आइये /आभार /
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