शनिवार, 19 नवंबर 2011

प्रतिष्ठित समाचार पत्रों की वेबसाइट्स पर महिलाओं की अशालीन तस्वीरों -वीडियों व् ख़बरों का प्रदर्शन



 [अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्रों की वेबसाइट्स पर जिस प्रकार महिलाओं के अशालीन तस्वीरों ,विडियोस व् ख़बरों का प्रदर्शन किया जा रहा वह अत्यंत निंदनीय है .मैंने नीचे दिए इ मेल पर अपनी  शिकायत भेजी है .देखते हैं क्या होता है ? पूनम पाण्डेय जैसी विक्षिप्त मॉडल के विडियोस और तस्वीरों को अपनी वेबसाईट पर स्थान देना इन प्रतिष्ठित समाचार पत्रों को शोभा नहीं देता पर ये बिना किसी मर्यादित सोच के ऐसे विडियोस व् तस्वीरों को प्रदर्शित कर रहे हैं .आप भी अपने स्तर से आवाज उठाएं और जो भी सकारात्मक पहल इस सम्बन्ध में की जा सकती है उससे सभी को अवगत  कराएँ  .]


.[विषय-प्रतिष्ठित समाचार पत्रों की वेबसाइट्स पर महिलाओं की अशालीन तस्वीरों -वीडियों व् ख़बरों का  प्रदर्शन   ]    

सेवा में 


The Secretary,
Press Council of India,
Soochna Bhavan, 8-C.G.O. Complex,
Lodhi Road, New Delhi-110003

     
                                                                

                महोदय 
                                        सविनय निवेदन है कि अनेक प्रतिष्ठित समाचार  पत्रों की वेबसाइट्स पर जिस प्रकार  महिलाओं की अशालीन तस्वीरों -वीडियों व् ख़बरों का  प्रदर्शन किया जा रहा है उस पर तुरंत रोक लगाने  की कृपा करें  . इन पर प्रदर्शित अशालीन सामग्री तो पोर्न वेबसाइट्स को भी मात कर रही है . मीडिया समाज को सही दिशा में अग्रसर करने  में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है .यदि वह ही मर्यादाओं का उल्लंघन स्वार्थ  के वशीभूत होकर करेगा तो उसपर भी नियंत्रण की कार्यवाही होनी ही चाहिए .''भारतीय नारी '' ब्लॉग की और से यह मेरी प्रार्थना है की आप शीघ्र अति शीघ्र इस विषय में संज्ञान लेकर कार्यवाही करें 
                                                                                               भवदीय 
                                                                          शिखा कौशिक 
                                                    [व्यवस्थापक -भारतीय नारी ब्लॉग ]

[इस ई मेल पर भेजी है शिकायत -,pcibppcomplaint@gmail.com,   ]

4 टिप्पणियाँ:

Swarajya karun ने कहा…

आपकी यह जागरूकता और पहल सराहनीय है. वाकई अब तो कई अखबार इस मामले में शर्म और संस्कार भूल कर सारी हदें लांघ चुके हैं. उन्हें सिर्फ और सिर्फ विज्ञापन चाहिए-चाहे अच्छा हो या भद्दा .भले ही समाज का पतन हो जाए .ऐसे स्वार्थी अखबारों के खिलाफ समाज को आज ऐसी ही पहल करने की ज़रूरत है. आभार.

तेजवानी गिरधर ने कहा…

u r right. m with u

शिखा कौशिक ने कहा…

thanks a lot swarajya ji & tejvani ji

Dr. shyam gupta ने कहा…

अच्छी पहल....

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