गुरुवार, 28 जुलाई 2011

यह सम्मान है या अपमान ?



इसे महारानी  लक्ष्मीबाई का  सम्मान  कहें  या  अपमान ?यह हमारी भावनाओं के साथ एक खिलवाड़  जैसा है .अमेरिका की प्रतिष्ठित  टाइम पत्रिका ने हाल ही में पति के बचाव में दीवार बनकर खड़ी होने वाली दुनिया की जाबांज पत्नियों की एक सूची जारी की जिसमे झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई को आठवां स्थान दिया गया है  .कई समाचार पत्रों ने इसे बहुत बड़ी उपलब्धि माना   पर जरा ध्यान दीजिये उनसे ऊपर किस किस को स्थान दे दिया गया है  -
*इलेनोर रूजवेल्ट -[पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी ] को ''प्रथम स्थान''
 उपलब्धि -नस्लवाद,गरीबी व् लिंगभेद पर खुलकर अपनी बात रखी .

*जुने कार्टर फिश -कार्टर परिवार से सम्बन्ध.अच्छी गायिका ,डांसर ,गीतकार ,अभिनेत्री और लेखक .इन्हें तीसरा स्थान दिया गया .

*साराह पालिन -सबसे कम उम्र की महिला जो  अलास्का की गवर्नर बनी .इन्हें पांचवां स्थान दिया गया .

*इलेन दी.गेनेरेस -छठवां स्थान -खुले तौर पर माना कि ये एक समलैंगिक हैं .आस्ट्रेलिया की अभिनेत्री .

*सातवाँ स्थान दिया गया है -मिशेल ओबामा को जो वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी हैं .फैशन आइकोन व् रोल मॉडल ke  रूप में उभरी हैं

          इन सब से नीचे आठवां स्थान हमारी रानी लक्ष्मीबाई  को दिया गया है .टाइम पत्रिका  ने यह जानकारी नहीं दी है कि सूची किस आधार पर बनाई गयी है ? ऐसी  सूचियाँ  बनाना  और  उसमे  अतार्किक  रूप से हमारे आदर्श चरित्रों को नीचे  स्थान देना  पत्रिका ke  लेखक मंडल ke  दिमागी  दिवालियापन  को तो जाहिर करता ही है साथ ही हमारे दिल  को भी चोट  पहुंचाता है .झांसी  की रानी ke  महान  साहस की तुलना किसी से भी करना असंभव  है फिर  इस सूची में जो नाम उनसे ऊपर दिए गए हैं वे तो तुलनात्मक रूप से कहीं ठहरते  ही नहीं .भारत सरकार को इस सम्बन्ध में उचित कदम उठाने चाहिए ताकि आगे से किसी भी देश की कोई भी पत्रिका हमारे आदर्श चरित्रों को अपनी सूची में शामिल करते  समय उचित स्थान दें .
                  शिखा कौशिक
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6 टिप्पणियाँ:

राज भाटिय़ा ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
महेश बारमाटे "माही" ने कहा…

aapne bilkul sahi kaha...
yah apman se jyada kuchh hai hi nahi...

Rani Lakshmi baai ne balidaan desh ke liye dia jo ki sabse mahaan karya hai fir bhi unko 8th place pe rakhna apman janak hai

ajit gupta ने कहा…

हमारी तो आदत है बात बात में खुश होने की। इसके पीछे क्‍या मंशा रही है, इसे जानने का प्रयास कोई नहीं करता।

योगेन्द्र पाल ने कहा…

kisi bhi videshi patrika se kya ummid ki ja sakti hai? ham bhartiyon ko chahiye ki aise kisi bhi soochi par vishvaas na kiya jaye or inko jyada tabbajo na dein

Anita ने कहा…

सही कहा है आपने रानी लक्ष्मीबाई अतुलनीय हैं !

शालिनी कौशिक ने कहा…

सही कहा है आपने ये चिंता का विषय है की भारतीय एतिहासिक हस्तियों के साथ विदेशी संस्थाओं द्वारा ऐसी प्रयास बार बार किये जाते हैं और मैं तो यही कहूँगी की इनका सरकार को पुरजोर विरोध करने चाहिए ताकि ऐसी संस्थाओं के हौसले तोड़े जा सकें पर मैं जानती हूँ की सरकार कुछ करेगी नहीं

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