शुक्रवार, 11 मार्च 2011

मेरा पन्ना: मोहब्बत का ये रंगमंच

मेरा पन्ना: मोहब्बत का ये रंगमंच: "मोहब्बत.....॥आज़कल इस शब्द के चर्चे बहुत अधिक नज़र आ रहे हैँ।जहाँ जाता हुँ,कोई-न-कोई अपनी प्रेम कहानी लेकर जरुर बैठ जाता है। किसी ने कहा है-'म..."

4 टिप्पणियाँ:

कुणाल वर्मा ने कहा…

क्षमा कीजिएगा।ये आखिरी बार ऐसी गलती हुई।अगली बार से पूरा लेखा यहाँ प्रकाशित करुँगा।

हरीश सिंह ने कहा…

koi bat nahi sir, aapki prem kahani achchhi lagi.

शिखा कौशिक ने कहा…

बहुत सुन्दर मर्मस्पर्शी प्रस्तुति ....

saty bolna paap hai ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति ....

Add to Google Reader or Homepage

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | cna certification