बुधवार, 9 मार्च 2011

आज का प्रेरक वाक्य....डा श्याम गुप्त.....


             भारतवर्ष का धर्म उसके पुत्रों से नहीं , उसकी संस्कारवान कन्याओं से ठहरा हुआ है | यदि भारत की रमणियाँ अपना धर्म छोड़ देतीं तो अब तक भारत नष्ट होगया होता |
                                         ---महर्षि दयानंद सरस्वती .....

5 टिप्पणियाँ:

Kunal Verma ने कहा…

आपने पुराने कथन को पुन: दोहराकर एक मीठी याद से परिचय करा दिया।धन्यवाद!

ABHIVYAKTI-अभिव्यक्ति ने कहा…

शायद!

Dr. shyam gupta ने कहा…

धन्यवाद कुनाल जी व अभिव्यक्ति---पुरो वाक पुनः पुनः दोहराने से ही नयी राहें प्राप्त होती हैं....

AryaSurenderVerma ने कहा…

वाह जी ऐसे सब्द सुन कर और पढ़ कर दिल खुस हो जाता है और उस महान आत्मा को याद करने का मौका मिलता है. पर क्या आज की राम्निया धर्म का पालन कर रही है. आप हमे बताये ?

हरीश सिंह ने कहा…

देखने में छोटी पर महत्वपूर्ण, बहुत उम्दा सन्देश, बधाई.

Add to Google Reader or Homepage

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | cna certification