बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

ये संसार प्यारी सी बगिया


कोंन कहता है की इंसान...
इंसान से प्यार नहीं करता |
प्यार तो बहुत करता है 
पर इज़हार नहीं करता |
हर एक... को तो अपने 
पहलु से बांधे फिरता है |
पर फिर भी उसे कहने से 
हर दम ही वो  डरता है |
यूँ कहो की पुराने को हरदम 
साथ रख कर फिर कुछ 
नए की तलाश में रहता है |
उसका कारवां तो 
यूँ ही चलता रहता है |
तभी तो ता उम्र वो 
परेशान सा ही रहता है |
इस छोटे से दिल में न जाने 
कितनों को वो पन्हा  देता  है |
फिर किसको छोड़ू  किसको रखूं 
इसी में उम्र बिता देता है |
जब वो थक हार के 
सोचने जो लगता  है |
तब तलख  जिंदगी 
आधी ही तो रह जाती है |
यूँ कहो की  जिंदगी उससे 
बहुत दूर निकल  जाती है |
तो फिर कयूँ इस छोटे से दिल में 
सबका  का घर बनाये हम |
एक ही काफी नहीं जो 
सबको यहाँ बसायें हम |
इन्सान का कारवां तो 
हर वक़्त नया गुजरता है |
सबसे हम हंस के मिलें 
इससे भी तो काम चलता है |
ये संसार तो प्यारा सा 
एक बगीचा है |
इसमें रोज़  फूल खिले 
तो ये हरदम महकता है |
यही तो हमारी जिंदगी को 
खूबसूरती से रौशन करता है |
हममें जीने का नया होंसला  
हर वक़्त भरता है |

6 टिप्पणियाँ:

शिव शंकर ने कहा…

कोंन कहता है की इंसान...
इंसान से प्यार नहीं करता |
प्यार तो बहुत करता है
पर इज़हार नहीं करता |

उस गाने कि याद आ गयी.......... आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं।
सुन्दर रचना।
आभार।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

'ये संसार तो प्यारा सा
एक बगीचा है
इसमें रोज फूल खिलें
तो ये हरदम महकता है '
सुन्दर पंक्तियाँ ...खुबसूरत रचना

हरीश सिंह ने कहा…

"कौन कहता है की इंसान...
इंसान से प्यार नहीं करता |
प्यार तो बहुत करता है
पर इज़हार नहीं करता |"



सुन्दर रचना, इन्सान एक दुसरे को प्यार करता है, यह अच्छी बात है, किन्तु इज़हार भी होना चाहिए. क्योंकि मान की बात मान में रहे तो गलतफहमियां फैलती है. मेरे ख्याल से इज़हार करने लगे तो आपस में और भी प्रेम बढ जायेगा. हमारे प्यारे देश भारत में सभी जाति व धर्म के रहने वाले लोग इस विशाल देश रुपी बगीचे के सुन्दर फूल हैं. विभिन्न रंगों और संस्कृतियों को मिलाकर ही तो यहाँ की जीवन शैली रंग बिरंगी है. बस अपने प्यार का इज़हार करना लोग सीख जाय तो फिर क्या कहना...... आभार..

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

सुंदर रचना, सार्थक विचार।

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ब्‍लॉगवाणी: ब्‍लॉग समीक्षा का एक विनम्र प्रयास।

Harish singh, Mithilesh dubey ने कहा…

jakir bhai aap yaha aaye aapka swagat... kripya lekhak bankar bhi blog ka samman badhayen.

Minakshi Pant ने कहा…

आप सबका का बहुत - बहुत शुक्रिया दोस्तों और हरीश जी मैं आपकी बात से सहमत हूँ |
शुक्रिया दोस्तों |

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